
जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर के जिला अस्पताल (Jabalpur District Hospital) की ओपीडी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल उस वक्त खुल गई, जब औचक निरीक्षण के दौरान एक साथ 7 डॉक्टर गायब मिले। डॉक्टरों के नदारद रहने से दूर-दूर से इलाज कराने आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
ओपीडी के समय में 7 डॉक्टर अपनी ड्यूटी से गायब मिले
जबलपुर के जिला अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। ओपीडी के समय में 7 डॉक्टर अपनी ड्यूटी से गायब मिले। स्थिति यह थी कि मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं, लेकिन उन्हें देखने वाला कोई नहीं था। समय पर डॉक्टर न मिलने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सिविल सर्जन ने सभी को थमाया कारण बताओ नोटिस
बार-बार हिदायत दिए जाने के बावजूद डॉक्टरों के कार्य-व्यवहार और समय पर अस्पताल न आने की आदत में कोई सुधार नहीं देखा गया है। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए सिविल सर्जन ने कड़ा कदम उठाया है और ड्यूटी से गायब मिले सभी 7 डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।
सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
प्रबंधन की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि डॉक्टरों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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