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दिवाली से पहले घर के इन 5 खास कोनों की जरूर करें सफाई, वास्तु के अनुसार मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए हैं जरूरी

October 31, 2026

नई दिल्ली ।दिवाली (Diwali) का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। हिंदू धर्म (Hinduism) में दीपावली को मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) के स्वागत का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वच्छ और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। यही वजह है कि इस त्योहार से पहले घर के हर हिस्से की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में भी घर को साफ-सुथरा रखने को महत्वपूर्ण बताया गया है। मान्यता है कि घर में लंबे समय तक गंदगी, पुराने सामान और अव्यवस्था रहने से नकारात्मकता (Negativity) बढ़ सकती है। ऐसे में दिवाली की सफाई करते समय कुछ खास जगहों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का रास्ता माना जाता है। इसलिए दिवाली से पहले मुख्य दरवाजे और उसके आसपास की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। दरवाजे पर जमी धूल-मिट्टी, मकड़ी के जाले और अन्य गंदगी हटानी चाहिए। इसके आसपास पुराने जूते-चप्पल, टूटे गमले और बेकार सामान जमा नहीं रहने देना चाहिए। सफाई के बाद मुख्य दरवाजे को रंगोली और दीपकों से सजाया जा सकता है। इससे घर का प्रवेश द्वार आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई देता है।

दूसरी महत्वपूर्ण जगह घर का पूजा घर है। दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, इसलिए मंदिर की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा घर में रखी मूर्तियों, तस्वीरों और पूजा के बर्तनों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। वहां रखे पुराने फूल, सूखी मालाएं और इस्तेमाल की जा चुकी पूजा सामग्री हटा देनी चाहिए। मंदिर में साफ कपड़ा बिछाकर दीपक, धूपबत्ती और पूजा से जुड़ी अन्य जरूरी वस्तुओं को व्यवस्थित रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि स्वच्छ पूजा स्थल पर पूजा-अर्चना करने से मन को शांति मिलती है।

तीसरा स्थान घर का ईशान कोण है। वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इसे पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए शुभ दिशा माना गया है। दिवाली से पहले इस हिस्से में जमा पुराने डिब्बे, अनुपयोगी सामान और कबाड़ हटा देना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि यह जगह खुली, साफ और व्यवस्थित रहे। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ईशान कोण में गंदगी और अव्यवस्था रहने से घर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है।

चौथी जगह अलमारी और तिजोरी है। दिवाली के अवसर पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है। ऐसे में त्योहार से पहले धन और जरूरी दस्तावेज रखने वाली जगहों की सफाई करना अच्छा माना जाता है। अलमारी और तिजोरी में रखे पुराने कागजात, बेकार रसीदें और अनुपयोगी सामान अलग कर देना चाहिए। तिजोरी को साफ कपड़े से पोंछकर उसमें रखे पैसे और जरूरी दस्तावेज व्यवस्थित तरीके से रखने चाहिए। वास्तु के अनुसार, धन रखने के स्थान को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है।


  • पांचवीं जगह घर की छत, बालकनी और स्टोर रूम है। सफाई के दौरान अक्सर इन हिस्सों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे यहां पुराने डिब्बे, टूटे सामान और कबाड़ जमा होता रहता है। दिवाली से पहले इन सभी जगहों की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। बालकनी में रखे पौधों की सूखी पत्तियां हटानी चाहिए और छत पर जमा कचरा साफ करना चाहिए। स्टोर रूम में रखे अनुपयोगी सामान को भी व्यवस्थित करना जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के सभी हिस्सों को स्वच्छ रखने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलती है। इस तरह दिवाली से पहले इन पांच जगहों की सफाई करके घर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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