
भोपाल। दिवाली (Diwali 2026) पर आतिशबाजी का शौक आंखों की रोशनी पर भारी पड़ सकता है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, धुआं और तेज गति से उड़ने वाले कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार छोटी सी लापरवाही स्थायी रूप से दृष्टि प्रभावित कर सकती है। इसे देखते हुए एम्स भोपाल ने दिवाली के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें पटाखे जलाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनने, बच्चों को अकेले आतिशबाजी नहीं करने देने और आंख में चोट लगने पर तत्काल इलाज कराने की सलाह दी गई है।
पटाखे जलाते समय इन गलतियों से बचें
एम्स भोपाल के अनुसार, आतिशबाजी हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर करनी चाहिए। पटाखे जलाते समय बच्चों के साथ किसी वयस्क का होना जरूरी है। खासकर छोटे बच्चों को फुलझड़ी और अन्य पटाखे भी अकेले नहीं चलाने देना चाहिए। पटाखे जलाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनना चाहिए, ताकि धुएं, उड़ते कणों और तेज चमक से आंखों को बचाया जा सके। पटाखा जलाने के तुरंत बाद उससे सुरक्षित दूरी बना लें। जो पटाखा नहीं जला है, उसे दोबारा जलाने या छूने की कोशिश न करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आसपास पानी की बाल्टी रखना भी जरूरी है। आतिशबाजी के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। पटाखों के अवशेष और हाथों पर लगे कणों को आंख, चेहरे और बालों से दूर रखें।
आंख में चिंगारी या कण चले जाएं तो क्या करें?
आंख में पटाखे की चिंगारी, धूल या कोई कण जाने पर सबसे पहले आंख को रगड़ने से बचें। ऐसा करने से चोट और गंभीर हो सकती है। यदि धूल या छोटा कण चला गया है अथवा जलन हो रही है तो साफ पानी से आंख को धीरे-धीरे धोएं। यदि चोट गंभीर है और दर्द हो रहा है तो आंख को हल्के से ढकें। इसके लिए किसी कठोर वस्तु का इस्तेमाल न करें। आंख से खून आने, धुंधला दिखाई देने या तेज दर्द होने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या नेत्र विशेषज्ञ के पास पहुंचें।
घरेलू नुस्खे अपनाना पड़ सकता है भारी
एम्स ने चेताया है कि आंख में किसी भी तरह की चोट को मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना विशेषज्ञ की सलाह के घरेलू उपाय या इलाज करने से समस्या बढ़ सकती है। समय पर चिकित्सा मिलने से आंख को होने वाले गंभीर नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है। एम्स भोपाल ने लोगों से अपील की है कि वे दिवाली की खुशियां मनाते समय परिवार और दोस्तों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी से आंखों को गंभीर चोट से बचाया जा सकता है।
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