चैन्नई। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले वहां सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (Chief Minister M. K. Stalin) की अगुवाई वाली सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने सहयोगी पार्टी कांग्रेस को 234 सदस्यों वाली विधानसभा में मात्र 32 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। इससे कांग्रेस नाराज हो गई है। कांग्रेस नेता अब अन्य विकल्पों की तलाश में जुट गए हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि तमिलनाडु कांग्रेस के कुछ नेता शीर्ष नेतृत्व खासकर राहुल गांधी से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके से गठबंधन की संभानवाएं तलाशने का अनुरोध करने की तैयारी में हैं।
सत्ता में हिस्सेदारी की भी मांग
कांग्रेस सांसद माणिक्कम टैगोर ने सोमवार को साफ कहा कि पार्टी सिर्फ सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो सरकार में हिस्सेदारी भी चाहती है। उनके इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव और चुनाव से पहले रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
TVK ने कांग्रेस को बताया ‘स्वाभाविक सहयोगी’
टैगोर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने कांग्रेस को अपना ‘प्राकृतिक सहयोगी’ बताया है। इससे तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज़ हो गई है। TVK के प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा कि विजय और राहुल गांधी के बीच दोस्ताना संबंध हैं और कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना काफ़ी अधिक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस के अंदरूनी हितों के कारण बातचीत में देरी हो सकती है।
फैसला विजय करेंगे
इस बीच TVK नेता निर्मल कुमार ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख विजय ही करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारे नेता सभी से सलाह-मशविरा कर गठबंधन को लेकर घोषणा करेंगे। चुनाव में अभी करीब दो महीने का समय है।” कुल मिलाकर, डीएमके के साथ सीट बंटवारे को लेकर असमंजस, सत्ता में हिस्सेदारी की मांग और TVK के साथ संभावित गठबंधन,इन सबने तमिलनाडु की राजनीति को चुनाव से पहले और दिलचस्प बना दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कांग्रेस किस रास्ते पर आगे बढ़ती है।
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