
उज्जैन। रेलवे स्टेशनों पर कचरा फेंकने या थूकने की आदत अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। रेल मंत्रालय ने स्वच्छता नियमों को सख्त करते हुए जुर्माने की रकम बढ़ा दी है। रेलवे ने स्वच्छता नियम सख्त करते हुए गंदगी फैलाने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। जुर्माना नहीं देने पर कोर्ट 2000 रुपये तक लगा सकता है।
जुर्माने की राशि बढ़ाने के पीछे रेल मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पैसा वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में सुधार लाना है। रेलवे का मानना है कि स्टेशनों और परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था को तभी बेहतर बनाया जा सकता है, जब आम नागरिक भी इसमें सहयोग करें। जब गंदगी फैलाने पर भारी जुर्माना लगेगा, तो स्वाभाविक तौर पर यात्रियों में स्वच्छता को लेकर अपनी जिम्मेदारी का अहसास बढ़ेगा और वे कचरा कूड़ेदान में ही डालेंगे। रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर रेलवे ने 2012 से अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान था। अब पूरे 14 साल बाद रेलवे ने इस नियम की समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के तहत इस जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने इन नए नियमों को लागू भी कर दिया है, इसलिए अब सफर के दौरान खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर कोई यात्री सोचता है कि वह बहस करके या जुर्माना देने से इनकार करके बच निकलेगा, तो उसके लिए सख्त चेतावनी है। नए नियम साफ कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया जुर्माना नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे लोगों को सीधे सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। इतना ही नहीं, कोर्ट में मामला जाने पर जज उस व्यक्ति पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं।
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