
दुबई. दुबई (Dubai) अपनी आलीशान जिंदगी, गगनचुंबी इमारतों और कड़े कानूनों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. लेकिन इन दिनों दुबई का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया (Social media video) पर वायरल (viral) हो रहा है, जिसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है. मामला एक पाकिस्तानी नागरिक (Pakistani citizen) से जुड़ा है, जो दुबई के एक मॉल में वहां का पारंपरिक लिबास पहनकर घूम रहा था. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि उसे सरेआम अपने कपड़े बदलने की चेतावनी दे दी गई. आखिर इस पूरे विवाद की असली वजह क्या है और क्यों इंटरनेट पर लोग इसे लेकर आपस में भिड़ गए?
कपड़े उतारने की मिली चेतावनी
वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ स्थानीय लोग उस पाकिस्तानी शख्स के पास आते हैं और उसे तुरंत वो कपड़े उतारने के लिए कहते हैं. उनका कहना था कि गैर-अमीराती लोगों का इस तरह पारंपरिक कपड़े पहनना और उस पर वीडियो बनाना उनकी संस्कृति का अपमान है. बात इतनी बढ़ गई कि मॉल के बीचो-बीच बहस शुरू हो गई और उस शख्स को हिदायत दी गई कि वह दोबारा ऐसा लिबास न पहने.
क्या कहता है दुबई का कानून?
इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग यह सर्च करने लगे हैं कि क्या दुबई में प्रवासियों के लिए पारंपरिक अरबी कपड़े पहनना मना है? कानूनी तौर पर देखा जाए तो यूएई में पर्यटकों या प्रवासियों के कंडूरा पहनने पर कोई सख्त पाबंदी नहीं है. लेकिन, अगर कोई व्यक्ति इसे पहनकर गलत तरीके से रील्स बनाता है, स्थानीय संस्कृति का मजाक उड़ाता है या खुद को गलत तरीके से यूएई का नागरिक दिखाता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता है.
इंटरनेट पर छिड़ गई भयंकर बहस
इस वीडियो ने सोशल मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया है. एक तरफ वो लोग हैं जो पाकिस्तानी शख्स का सपोर्ट कर रहे हैं. उनका कहना है कि कपड़े पहनने की आजादी सबको होनी चाहिए और इसमें कुछ भी गलत नहीं था. यूएई के समर्थकों का कहना है कि हर देश की अपनी संस्कृति और गरिमा होती है और प्रवासियों को उसका सम्मान करना चाहिए. रील्स और व्यूज के चक्कर में किसी देश के पारंपरिक लिबास का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
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