img-fluid

तुर्किये-पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा गठजोड़ के बीच भारत की नई रणनीति, ग्रीस और साइप्रस के साथ छह साल का विशेष रोडमैप तैयार

October 13, 2026

नई दिल्ली ।तुर्किये (Türkiye) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच भारत (India) ने अपनी सामरिक स्थिति मजबूत करने के लिए ग्रीस (Greece) और साइप्रस (Cyprus) के साथ सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस रणनीति के तहत साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग के लिए छह साल का विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। वहीं, ग्रीस के साथ द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों देशों के साथ बढ़ता सहयोग भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और भूमध्यसागर में सामरिक पहुंच को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की साइप्रस और ग्रीस की चार दिवसीय यात्रा को इसी व्यापक रणनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। यह दौरा समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर केंद्रित है। ऐसे समय में भारत इन दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है, जब तुर्किये और पाकिस्तान की सैन्य साझेदारी भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। भारत का प्रयास अपने सामरिक विकल्पों को विस्तार देना और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में अपनी स्थिति मजबूत करना है।

भारत और तुर्किये के संबंधों में पाकिस्तान का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को उन्नत बेयराक्तार ड्रोन उपलब्ध कराए थे। इन ड्रोनों का पाकिस्तान ने सीमा पर इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, तुर्किये पाकिस्तान के साथ मक्का रक्षा गठबंधन में भी शामिल है। अंकारा और इस्लामाबाद के बीच रक्षा उत्पादन तथा नौसैनिक सहयोग भी बढ़ा है। तुर्किये पाकिस्तान के लिए युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम में भी भागीदारी कर रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच ग्रीस और साइप्रस के साथ भारत के बढ़ते रक्षा संबंधों का सामरिक महत्व बढ़ गया है।

भारत ने पिछले कुछ महीनों में ग्रीस और साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। साइप्रस के साथ छह साल की अवधि के लिए रक्षा सहयोग का विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। वहीं, ग्रीस के साथ हाल में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच एक साझा घोषणा पत्र का आदान-प्रदान भी किया गया है। इन पहलों के जरिए रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है।

ग्रीस की भौगोलिक स्थिति भी भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह यूरोप के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में अहम स्थान रखता है। साथ ही, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गलियारा भारत को यूरोपीय बाजारों से जोड़ने की योजना का हिस्सा है। भारत और ग्रीस के बीच आने वाले समय में सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री निगरानी, रक्षा तकनीक साझा करने और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।


  • भारत, ग्रीस और साइप्रस के बीच त्रिपक्षीय सामरिक सहयोग को तुर्किये-पाकिस्तान रक्षा साझेदारी के जवाब में एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में भी देखा गया है। भारतीय विश्व मामलों की परिषद ने अपने एक लेख में इस त्रिपक्षीय सहयोग को इसी संदर्भ में रेखांकित किया है। ग्रीस और साइप्रस के साथ रक्षा संबंधों को विस्तार देकर भारत अपनी रणनीतिक संभावनाओं को मजबूत करने में जुटा है। इस तरह बढ़ता सैन्य और रक्षा औद्योगिक सहयोग भारत की व्यापक सामरिक नीति का अहम हिस्सा बन रहा है।

    Share:

  • देवरहा बाबा के जीवन पर बनेगी फिल्म मचान बाबा, जॉर्ज पंचम से इंदिरा गांधी तक की ऐतिहासिक मुलाकातों के प्रसंग होंगे शामिल

    Tue Oct 13 , 2026
    नई दिल्ली ।प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा (Devraha Baba) के जीवन, उनकी अनूठी जीवनशैली और उनसे जुड़े रहस्यमय प्रसंगों को अब बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘मचान बाबा’ (Machan Baba) का आधिकारिक टाइटल पोस्टर(Title Poster) जारी कर दिया गया है। फिल्म में संत के जीवन से जुड़े विभिन्न […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved