
अमरावती. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के स्थानीय निकाय चुनावों (local body elections ) में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। गठबंधन ने राज्य के 13 नगर निगमों में से नौ पर जीत दर्ज कर ली है। इसमें दो यानी श्रीकाकुलम नगर निगम और अमदालावलसा नगरपालिका शामिल नहीं हैं, क्योंकि अदालती मामलों के लंबित होने के कारण वहां चुनाव नहीं कराए जा सके। हालांकि, नेल्लिमर्ला और सालूर में TDP के बागी उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अपनी छाप छोड़ी और अध्यक्ष का पद अपने नाम किया। इसके अलावा 86 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में से 75 पर भी गठबंधन ने कब्जा जमा लिया है।
हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और हेरफेर के आरोप लगाए हैं। बुधवार तड़के तक आए चुनावी नतीजों के मुताबिक, टीडीपी के नेतृत्व वाला गठबंधन ज्यादातर निकायों में विपक्ष पर भारी पड़ा। गठबंधन छह नगरपालिकाओं में भी आगे चल रहा था। वहीं, 17 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में गठबंधन के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए।
जगन मोहन रेड्डी के गढ़ में वाईएसआरसीपी को बड़ा झटका
इन चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी को सबसे बड़ा झटका वाईएसआर कडप्पा जिले में लगा है। यह जिला पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है और जगन मोहन रेड्डी का गृह जिला भी है।
जिले के कुल 279 नगरपालिका वार्डों में वाईएसआरसीपी महज सात सीटें जीत सकी। दूसरी ओर, टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जिले की छह नगरपालिकाओं में निर्विरोध जीत हासिल की।
जगन मोहन रेड्डी के गृह विधानसभा क्षेत्र पुलिवेंदुला में भी वाईएसआरसीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। यहां टीडीपी की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार तुगुतला गीता कुमारी ने 13,875 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
20 वार्डों में से 17 पर गठबंधन का कब्जा
वाईएसआर कडप्पा जिले में गठबंधन का प्रदर्शन वार्ड स्तर पर भी मजबूत रहा। यहां जिन 20 वार्डों में मतदान हुआ था, उनमें से 17 पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वाईएसआरसीपी को सिर्फ तीन वार्डों में सफलता मिली। इसके अलावा गठबंधन ने जिले की सात अन्य नगरपालिकाओं में भी जीत हासिल की।
हालांकि, वाईएसआरसीपी अनंतपुर नगर निगम में जीत हासिल करती दिखाई दी। पार्टी ने नंदिकोटकुर नगरपालिका में जीत दर्ज की, जबकि नायडूपेटा और बेथमचेरला की दो अन्य नगरपालिकाओं में वह आगे चल रही थी।
गौरतलब है कि 2021 के नगरपालिका चुनावों में वाईएसआरसीपी ने 87 में से 86 नगरपालिकाओं में जीत हासिल की थी। वहीं, सभी 13 नगर निगमों में भी पार्टी का कब्जा रहा था। इस बार के नतीजे पार्टी के लिए बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखे जा रहे हैं।
किस पार्टी ने कितनी सीटों पर उतारे उम्मीदवार?
नगरपालिका और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए कुल 87 सीटों पर चुनाव होने थे। इनमें से 17 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। बाकी 70 सीटों के लिए मुकाबला हुआ।
चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व पर जताया जनता का भरोसा: टीडीपी
चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे जनता के भरोसे और अपने नेतृत्व की स्वीकार्यता का नतीजा बताया। टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि चुनाव नतीजे मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने राज्य भाजपा नेतृत्व के प्रति भी जनता के समर्थन का जिक्र किया।
वहीं, मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनादेश जश्न मनाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सुशासन के लिए जनता ने जो आशीर्वाद दिया है, उसे गठबंधन विनम्रता के साथ स्वीकार करता है।
जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर का लगाया आरोप
दूसरी ओर, चुनावी नतीजों के बाद वाईएसआरसीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार, पुलिस और राज्य चुनाव आयोग पर चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगाया।
एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि चुनाव के हर चरण में अनियमितताएं हुईं। उनके मुताबिक, नामांकन दाखिल करने से लेकर उम्मीदवारों के पर्चों की जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना तक में गड़बड़ी की गई।
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर पार्टी के एजेंटों को काम करने से रोका गया और कुछ को नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने मतदान प्रतिशत में हेरफेर और मतगणना प्रक्रिया पर कब्जा किए जाने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन सत्तारूढ़ गठबंधन ने किया, जनता ने नहीं। उनके मुताबिक, अब ये चुनाव नहीं, बल्कि चयन की प्रक्रिया बनकर रह गए हैं। वाईएसआरसीपी प्रमुख ने चुनावी सुधारों की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं ने चुनाव व्यवस्था में बदलाव की जरूरत को और स्पष्ट कर दिया है।
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