
डेस्क। ईरान की नई सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का ईरान पहुंचने पर बहुत रूखा स्वागत किया और उसके बाद कथित तौर पर उनसे “अपने विमान में वापस लौट जाने” को कहा गया। लेबनानी समाचार पत्र ‘अल-अखबार’ के मुताबिक, मुनीर ने रेज़ाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से एक अल्टीमेटम दिया, जिसमें मांग की गई कि ईरान अपने पूरे परमाणु कार्यक्रम को छोड़ दे।
‘ईरान इंटरनेशनल’ के अनुसार, मुनीर ने कहा कि “तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में अधिक लचीलापन दिखाने की जरूरत है।” इसके जवाब में ईरान ने मुनीर से कहा कि वाशिंगटन को “ईरान की सात शर्तें माननी होंगी।” वीडियो में रेज़ाई और मुनीर की बॉडी लैंग्वेज देखकर ऐसा लगता है कि दोनों की बातचीत में कुछ खास नहीं था। उनकी बातचीत काफी संक्षिप्त और औपचारिक थी, और उसमें उस तरह की आत्मीयता की कमी थी, जो आमतौर पर एक सौहार्दपूर्ण राजनयिक मुलाकात में देखने को मिलती है।
रेज़ाई का रुख संयमित रहा, जबकि बातचीत के दौरान मुनीर उनकी ओर झुकते हुए दिखाई दिए। फुटेज में न तो देर तक हाथ मिलाते हुए और न ही गले मिलते हुए देखा गया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ के साथ भी उच्च-स्तरीय बातचीत की। बताया जाता है कि ग़ालिबाफ़ ने मुनीर से कहा कि “ईरान के पास कहने के लिए कुछ नया नहीं है”।
रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर ने रेज़ाई से कहा कि वह अमेरिका की ओर से एक “अंतिम चेतावनी” लेकर आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर वाशिंगटन की मांगों को नहीं माना गया, तो ईरान के परमाणु ठिकानों पर “बड़े पैमाने पर हमला” हो सकता है, जिसमें ‘पिकएक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) साइट भी शामिल है।
ट्रंप के इस अल्टीमेटम को लेकर ईरान पहुंचे पाकिस्तान के आर्मी चीफ के लिए ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था, “ईरान से संवर्धित परमाणु सामग्री का एक कण भी बाहर नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक अमेरिका, तेहरान की पहले से बताई गई 7 शर्तों को पूरा करके भरोसा कायम नहीं करता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।
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