
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजियों की तरफ से लगातार प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर कई तरह के विवाद लगातार सामने आ रहे थे। इसको लेकर बीसीसीआई ने सख्ती लागू करने के संकेत भी दिए थे। अब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें कई ऐसे नियम हैं जो खिलाड़ियों की सुरक्षा से लेकर फ्रेंचाइजी मालिकों को आगाह करने तक शामिल हैं।
आईपीएल के मौजूदा सीजन में कई खिलाड़ी लगातार अपनी गर्लफ्रेंड के साथ टीम होटल या फिर ट्रैवल के दौरान दिखाई दिए हैं, जिसको लेकर काफी सवाल भी उठ रहे थे। बीसीसीआई ने जो नई एडवाइजरी जारी की है उसमें पहली बार हनी ट्रैप जैसे खतरे का जिक्र किया गया है। बोर्ड की तरफ से एडवाइजरी में कहा गया है कि इस तरह के बड़े टूर्नामेंट में प्लेयर्स और सपोर्ट स्टाफ को निशाना बनाया जा सकता है, जिसके चलते सभी फ्रेंचाइजियों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इससे वह सुरक्षा के साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
बीसीसीआई ने सिर्फ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से जुड़े लोगों के लिए ही सिर्फ एडवाइजरी नहीं जारी की बल्कि उन्होंने टीम मालिकों और उनके अधिकारियों को लेकर भी साफ किया है वह मुकाबले के बीच में डग आउट या फिर प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर उनसे बातचीत नहीं कर सकते हैं, ये पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। मुकाबला खत्म होने के बाद ही वह खिलाड़ियों के साथ मिल सकते हैं। अब मैच के दौरान टीम मालिक सीधे खिलाड़ियों से संपर्क नहीं कर सकेंगे, ड्रेसिंग रूम और डगआउट पूरी तरह नियंत्रित रहेगा।
आईपीएल के दौरान टीमें जिस भी होटल में रुकती हैं वहां पर काफी लोगों का मूवमेंट देखने को मिलता है लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता था। वहीं अब बीसीसीआई ने नई एडवाइजरी में साफ कर दिया है कि अब कोई भी व्यक्ति वह जिस भी खिलाड़ी से मिलना चाहता है उससे फिर से चाहे कोई भी रिश्ता क्यों ना हो उसे होटल रूम में बिना टीम मैनेजर की अनुमति के जाने की मंजूरी नहीं होगी। किसी भी मेहमान को होटल लॉबी में मिलने की अनुमति होगी। बीसीसीआई ने इस नियम से ये भी साफ किया कि ये सीधे तौर पर सुरक्षा और एंटी-करप्शन से जुड़ा हुआ है।
नई गाइडलाइन के अनुसार अब कोई भी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ से जुड़ा सदस्य यदि टीम होटल को छोड़कर बाहर जाता है तो उसे सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर या फिर या टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को जानकारी देने के साथ उनसे पहले मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा उनकी हर मूवमेंट का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा।
राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान रियान पराग को जब एक मुकाबले के बाद ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए देखा गया तो उस घटना ने काफी तूल पकड़ा था। अब बीसीसीआई ने अपनी नई एडवाइजरी में इस मुद्दे का भी जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने SOP के तहत ई-सिगरेट या फिर वेपिंग से जुड़े सभी प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल ड्रेसिंग रूम, प्रैक्टिस एरिया और टीम होटल सभी जगह पूरी तरह से बैन रहने की बात कही है।
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