
नई दिल्ली। भाजपा संगठन (BJP) में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (National President Nitin Navin) की नई टीम में युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां देने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, संगठन में पहले काम कर चुके कुछ केंद्रीय मंत्रियों (Union Ministers) और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका दी जा सकती है।
इसके अलावा राज्यों में संगठन का अनुभव रखने वाले नेताओं को भी राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की संभावना है। पार्टी का उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना और भविष्य के नेतृत्व को तैयार करना है।
विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद
भाजपा को करीब छह महीने बाद पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का सामना करना है। इनमें चार राज्यों में पार्टी की सरकारें हैं। ऐसे में नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को तेज कर रहा है। पार्टी नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में उन्हें तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी योजना के तहत राज्यों में संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं और अब राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम तैयार की जा रही है। नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली बड़ी टीम होगी। राष्ट्रीय राजनीति में अपेक्षाकृत नए होने के कारण उनके साथ संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं को जोड़े जाने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हो रहा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, नई टीम को लेकर पार्टी के शीर्ष स्तर पर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सरकार में संभावित फेरबदल को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, पूर्व में संगठन में काम कर चुके करीब आधा दर्जन सांसदों को भी राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की संभावना है। मौजूदा संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे 4 से 5 नेताओं को पदोन्नति देकर नई भूमिका दी जा सकती है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर
भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारियों, राज्यों के प्रभारियों, मोर्चों के अध्यक्षों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया के कारण अंतिम नाम तय होने में समय लग रहा है। पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कम से कम 25 प्रतिशत नए सदस्यों को शामिल करना होता है। हालांकि, इस बार यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी पार्टी काम कर रही है। भाजपा संविधान के अनुसार केंद्रीय पदाधिकारियों में 33 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी का प्रावधान है। हालांकि, यदि यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो पाता है, तो भी इस बार पहले की तुलना में अधिक महिलाओं को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। अनुमान है कि नई टीम में महिलाओं की हिस्सेदारी 20 से 25 प्रतिशत तक हो सकती है।
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