
भोपाल। भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल हमीदिया अस्पताल में इन दिनों रक्त की गंभीर कमी चिंता का कारण बनी हुई है। रक्त की कमी का सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें इलाज के दौरान तत्काल रक्त की जरूरत होती है। दुर्घटनाओं में घायल मरीजों से लेकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज, ऑपरेशन कराने वाले मरीज और थैलेसीमिया-सिकल सेल से पीड़ित बच्चे तक इस कमी से प्रभावित हो सकते हैं। अस्पताल में हालात ऐसे हैं कि मरीजों की जरूरत पूरी करने के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी खुद रक्तदान करने के लिए आगे आ रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों का कहान है कि कई बार किसी मरीज की जिंदगी बचाने के लिए महंगी दवा नहीं, बल्कि समय पर उपलब्ध रक्त की एक यूनिट सबसे जरूरी होती है।
डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा, लेकिन अकेले नहीं भर पाएगा संकट
हमीदिया अस्पताल में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वयं रक्तदान शुरू किया है। डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रयास जरूरी है, लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या और रक्त की जरूरत को देखते हुए केवल स्वास्थ्यकर्मियों के रक्तदान से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसीलिए अब जनसामान्य से लेकर सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संस्थाओं से सामूहिक रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की गई है।
10 अगस्त को हमीदिया में रक्तदान शिविर
रक्त की कमी दूर करने के लिए सोमवार, 10 अगस्त को सुबह 11 बजे से हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक-1, प्रथम तल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। अस्पताल की ओर से लोगों से अपील की गई है कि पात्र और स्वस्थ लोग शिविर में पहुंचकर रक्तदान करें। एक व्यक्ति का रक्तदान जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने वाला साबित हो सकता है।
थैलेसीमिया और सिकल सेल बच्चों को नियमित जरूरत
रक्त की जरूरत केवल दुर्घटना या ऑपरेशन के मरीजों तक सीमित नहीं है। थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों को भी समय-समय पर रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता जीवन की निरंतरता से जुड़ी होती है। अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों का कहना है कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं किया जा सकता। इसकी उपलब्धता पूरी तरह रक्तदाताओं पर निर्भर है। इसलिए जब रक्त भंडार कम होता है, तो उसका सबसे सीधा असर जरूरतमंद मरीजों पर पड़ता है।
एक यूनिट रक्त बन सकती है किसी की जिंदगी की वजह
चिकित्सकों का कहना है कि इलाज के दौरान कई बार रक्त की एक यूनिट ही मरीज की हालत संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में रक्तदान सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए जीवन बचाने वाली मदद है। अस्पताल की अपील है कि इस संकट की घड़ी में लोग आगे आएं और रक्तदान कर मरीजों के साथ खड़े हों।आज डॉक्टर अपना रक्त देकर मरीजों के साथ खड़े हैं, अब समाज से भी यही उम्मीद है कि वह आगे आए।
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