img-fluid

बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने BNP नेता मिर्जा फखरुल आलमगीर, 255 वोटों से दर्ज की बड़ी जीत

August 21, 2026

ढाका। बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Fakhrul Islam Alamgir) ने जीत दर्ज की है। संसद में हुए चुनाव में आलमगीर को 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ओली अहमद के खाते में 88 वोट आए। इसके साथ ही आलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में इस बार लंबे अंतराल के बाद सीधा मुकाबला देखने को मिला। चुनाव में जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से ओली अहमद को उम्मीदवार बनाया गया था।

  • 349 में से 343 सांसदों ने डाला वोट

    राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने की।

    कुल 349 सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के पात्र थे, जिनमें से 343 ने मतदान किया। मतगणना के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को विजेता घोषित किया।

    35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला

    बांग्लादेश में करीब 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी मुकाबला देखने को मिला है। इस बार एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले संसदीय वोटिंग के जरिए राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला 1991 में हुआ था।

    आलमगीर को पिछले सप्ताह BNP की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था। नामांकन मिलने के बाद उन्होंने पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने BNP की नेशनल स्टैंडिंग कमेटी से भी इस्तीफा दिया।

    विपक्षी राजनीति से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

    मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने से पहले वह BNP के महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

    BNP लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बाद सत्ता में पहुंची है। ऐसे में पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक पद से राष्ट्रपति पद तक आलमगीर का पहुंचना उनके राजनीतिक करियर का बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

    राष्ट्रपति की भूमिका कितनी अहम?

    बांग्लादेश की राजनीतिक व्यवस्था में राष्ट्रपति का पद मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक माना जाता है। देश की कार्यकारी शक्तियां मुख्य रूप से प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के पास रहती हैं।

    ऐसे में आलमगीर के राष्ट्रपति बनने से BNP को राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिलेगा, जबकि सरकार चलाने की वास्तविक कार्यकारी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही रहेगी।

    Share:

  • मिग-21 की आखिरी उड़ान की कहानी दिखाएगा Netflix, ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त को होगी रिलीज

    Fri Aug 21 , 2026
    नई दिल्ली। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अभियानों और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ (Operation Safed Sagar) को दर्शकों की मिल रही शानदार प्रतिक्रिया के बीच नेटफ्लिक्स ने अब भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित लड़ाकू विमानों में शामिल मिग-21 (MiG-21) पर नई डॉक्यूमेंट्री का ऐलान किया है। इसका नाम ‘द लास्ट सैल्यूट: […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved