
नई दिल्ली ।आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के अंबेडकर कोनसीमा (Ambedkar Konaseema) जिले से समुद्र में मछली पकड़ने (Fishing) गई आठ मछुआरों (Eight Fishermen) वाली नाव के लापता(missing) होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। नाव तीन अगस्त को ओडलारेवु से रवाना हुई थी और उसमें करीब 15 दिनों के लिए डीजल और राशन मौजूद था। तय कार्यक्रम के अनुसार नाव को 13 अगस्त तक वापस लौटना (Return) था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
लापता नाव को कोमारागिरी पटनम गांव निवासी कोपनाटी रामकृष्ण वर्मा चला रहे थे और वही नाव के मालिक भी हैं। मत्स्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नाव पर कुल आठ मछुआरे सवार थे। नाव के समुद्र में जाने के बाद उनसे संपर्क भी नहीं हो पाया है। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि नाव में मौजूद मोबाइल फोन और जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार मछुआरे मछली पकड़ने के लिए विशाखापत्तनम और पारादीप के बीच समुद्री क्षेत्र की ओर गए हो सकते हैं। हालांकि नाव की मौजूदा स्थिति और सटीक लोकेशन की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। समुद्र में मोबाइल और जीपीएस का संपर्क टूटने के कारण बचाव दल के सामने नाव तक पहुंचने के लिए संभावित समुद्री मार्ग का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
नाव के 13 अगस्त तक वापस नहीं लौटने के बाद परिवार के लोगों ने इंतजार किया। जब चार दिन बाद भी नाव की कोई जानकारी नहीं मिली तो नाव मालिक के परिवार ने ओडलारेवु तटीय सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खोज और बचाव की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
अंबेडकर कोनसीमा के जिलाधिकारी आर. महेश कुमार ने मामले की जानकारी मिलने के बाद विशाखापत्तनम स्थित भारतीय तटरक्षक बल से मदद मांगी। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को तटरक्षक बल के साथ तत्काल समन्वय स्थापित कर खोज अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि नाव के संभावित मार्ग और आखिरी उपलब्ध जानकारी के आधार पर समुद्री क्षेत्र में तलाश को आगे बढ़ाया जाए।
जिला प्रशासन ने नाव मालिक, परिवार के सदस्यों और क्षेत्र के अन्य मछुआरों से उपलब्ध जानकारी जुटाने को कहा है। अधिकारियों को नाव की दिशा, समुद्र में जाने के संभावित क्षेत्र और संपर्क टूटने से पहले मिली किसी भी सूचना को एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इन जानकारियों को पुलिस और तटरक्षक बल के साथ साझा किया जा रहा है, ताकि तलाश का दायरा अधिक प्रभावी ढंग से तय किया जा सके।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मछुआरों या नाव से संबंधित कोई भी नई जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए। फिलहाल आठों मछुआरों की स्थिति और नाव की वास्तविक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिवारों की नजर अब खोज और बचाव अभियान पर टिकी है। समुद्र में कई दिनों से संपर्क से बाहर नाव को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि वह अपने निर्धारित मार्ग से किस दिशा में गई और उसमें सवार आठों मछुआरे इस समय किस स्थिति में हैं। तटरक्षक बल और स्थानीय प्रशासन की तलाश से अब नाव और मछुआरों के बारे में ठोस जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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