जम्मू। वर्ष 2022 में दर्ज सनसनीखेज हत्याकांड में श्रीनगर (Srinagar) की सत्र अदालत ने 23 वर्षीय उमर फारूक (Omar Farooq) को अपनी साली की हत्या का दोषी ठहराते हुए कठोर आजीवन कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई है। मामला थाना सफाकदल में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज हुआ था।
प्रधान सत्र न्यायाधीश हक नवाज़ ज़रगर ने 26 फरवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया था। सजा पर सुनवाई के बाद अदालत ने उसे उम्रकैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के अनुसार, जुर्माने की राशि मृतका की नाबालिग बेटी को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ नहीं माना मामला
अभियोजन पक्ष ने घटना को जघन्य बताते हुए मृत्युदंड की मांग की थी। सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपी ने बिना उकसावे के योजनाबद्ध तरीके से कसाई के चाकू से महिला के सिर पर वार कर हत्या की, जबकि कमरे में उसकी नाबालिग बेटी भी मौजूद थी। अभियोजन ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध बताया।
हालांकि बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। वकील ने कहा कि आरोपी मात्र 23 वर्ष का है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह पहली बार अपराध में शामिल हुआ है। साथ ही उसके माता-पिता का हाल ही में निधन हो चुका है।
5 लाख का मुआवजा, फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाएगी राशि
अदालत ने Jammu and Kashmir Legal Services Authority को निर्देश दिया कि जम्मू-कश्मीर पीड़ित मुआवजा योजना 2019 के तहत मृतका की बेटी को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यह राशि बच्ची के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा होगी, जो उसके बालिग होने तक सुरक्षित रहेगी। अभिभावक को शिक्षा और भरण-पोषण के लिए ब्याज की राशि उपयोग करने की अनुमति होगी।
दोषी फिलहाल सेंट्रल जेल श्रीनगर में बंद है। अदालत ने उसे 14 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार भी बताया।
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