
कोलकाता । कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने टीएमसी को बिड़ला तारामंडल के पास 21 जुलाई को कार्यक्रम की (To the TMC for programme near Birla Planetorium on July 21) सशर्त इजाजत दे दी (Granted Conditional Permission) । टीएमसी विक्टोरिया हाउस के सामने कार्यक्रम नहीं कर सकती।
हाईकोर्ट ने कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या 3000 से ज्यादा नहीं होने को कहा है। वहीं, कोई अप्रिय घटना न घटे इसके लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि टीएमसी ने 1 जुलाई को मध्य कोलकाता में निषेधाज्ञा लागू करने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया था। टीएमसी का कहना था कि इस इलाके में पार्टी हर वर्ष 21 जुलाई को ‘शहीद दिवस’ मनाती है। 30 जून को कोलकाता पुलिस की ओर से जानकारी दी गई थी कि इस वर्ष मध्य कोलकाता के व्यस्त एस्प्लेनेड क्रॉसिंग के पास सीईएससी हाउस के सामने ‘शहीद दिवस’ मनाने की इजाजात नहीं दी जाएगी। कोलकाता पुलिस की ओर से उस इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी थी। इसके तहत एक ही समय और जगह पर तय संख्या से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी।
तृणमूल कांग्रेस के चार बार लोकसभा सांसद रहे और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा था कि पूरे इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू करना और वह भी दो महीने के लिए, गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा था कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी लोगों के लोकतांत्रिक रूप से इकट्ठा होने और संगठित विरोध प्रदर्शनों से डरते हैं। उन्होंने कहा था, “हम इस आदेश के खिलाफ निश्चित रूप से अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। हम केस दायर करेंगे। हम कानूनी और राजनीतिक, दोनों तरह से इसका मुकाबला करेंगे। हमें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।” कल्याण बनर्जी ने कहा, “लोगों के लोकतांत्रिक आंदोलन को इस तरह नहीं रोका जा सकता।”
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा था कि उन्हें भरोसा है कि न्यायपालिका राज्य प्रशासन की अलोकतांत्रिक ज्यादतियों का समाधान निकालेगी। तृणमूल कांग्रेस हमेशा सीईएससी हाउस के सामने शहीद दिवस रैली आयोजित करती रही है। वर्ष 1993 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करने के लिए हर वर्ष 21 जुलाई को टीएमसी रैली निकालती है। पहले कांग्रेस की ओर से यह कार्यक्रम किया जाता था। वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर ममता बनर्जी ने टीएमसी का गठन किया। उसके बाद से ही टीएमसी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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