
नई दिल्ली । नेपाल को अपने जाल में फंसा चीन वहां मौजूद संसाधनों का उपयोग अपने भारत विरोधी अभियानों के लिए कर रहा है. नेपाल में चल रहे इन स्टडी सेंटर को चीन की सरकार बड़े स्तर पर पैसा मुहैया करा रही है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा चीन नेपाल में एयरपोर्ट बना रहा है जिसका इस्तेमाल भी अपने सामरिक उद्देश्य के लिए कर सकता है.
भारत के विरोध में ड्रैगन नेपाल को ढाल बनाने में पूरी तैयारी के साथ जुटा है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिर चीन नेपाल में 30 के आसपास चाईना स्टडी सेंटर खोल चुका है. इन स्टडी सेंटर की संख्या को पहले ज्यादा से किया गया है. स्टडी सेंटरों के माध्यम से चीन नेपाल में कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां चला रहा है. चीनी भाषा को नेपाल में बड़े स्तर पर युवाओं को सिखाने में लगा है. सूत्रों के मुताबिक इनमें से कई स्टडी सेंटर की लोकेशन भारत – नेपाल बॉर्डर के क्षेत्र में है.
चीन इन स्टडी सेंटर में नेपाल में सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव करने में तो जुटा ही है साथ ही भारत के खिलाफ एंटी इंडिया सेंटिमेंट को भी भड़काने का प्रयास कर सकता है. चीन, ने हाल ही में नेपाल के “निजगड” में एक एयरपोर्ट तैयार करने में मदद की है. ये एयरपोर्ट भारत नेपाल सीमा से महज़ 8 किलोमीटर की दूरी पर है. इसका सामरिक महत्त्व है. इसके अलावा चीनी कंपनी नेशनल एयरो टेक्नालॉजी इंटरनेशनल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन नेपाल के वीरगंज में एक और एयरपोर्ट बनाने की योजना बना रहा है. चीन नेपाल की पूरी-पूरी मदद कर रहा है. गौरतलब है कि वीरगंज बहुत अहम इलाका माना जाता है.
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