
नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में अमेरिका को पछाड़कर सत्ता पर बैठने की चाहत रखने वाला चीन इन दिनों घरेलू परेशानियों से ज्यादा परेशान है। एक समय पर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रखने वाला चीन अब अपनी आबादी की बढ़ती उम्र का उपाय तलाशने में लगा हुआ है। तमाम प्रयासों के बाद भी चीनी महिलाएं न तो शादी करना चाहती हैं और न ही बच्चे पैदा करना चाहती। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 तक 30 वर्ष की उम्र तर पहुंचने वाले लोगों में से करीब 30 फीसदी अविवाहित हैं, जबकि 2015 में यही आंकड़ा केवल 14.5 फीसदी था। युवाओं के इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव हाल में जन्मदर में आई गिरावट के आंकड़ों से समझा जा सकता है।
चीनी सरकार की 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में उस वर्ष करीब 1.65 करोड़ बच्चे पैदा हुए थे। 2025 का आंकड़ा देखें तो यह संख्या घटकर 80 लाख से भी कम हो गई है। जनसंख्या आंकड़ों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों के लिए भी यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं, क्योंकि किसी भी बड़े देश में ऐसा जनसांख्यिकी परिवर्तन नहीं देखा जाता।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन की जिनपिंग सरकार जनसंख्या को स्थायित्व देने के लिए पिछले कई सालों से लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन युवा महिलाएं बच्चा पैदा करना ही नहीं चाहती है। यह मामला सिर्फ कम बच्चे पैदा होने का नहीं है, बल्कि रिपोर्ट्स के मुताबिक लोग परिवार बनाने से भी बच रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में महिलाओं की परिवार बनाने से बचने के पीछे कई वजहों को बताया है।
चीन की सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में पढ़ी-लिखी महिलाओं की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। 2009 के बाद ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक ही रही है। इसलिए चीन के डेटिंग बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ गई है। कई महिलाओं बड़े शहरों में बेहतर स्थिति में काम कर रही हैं। ऐसे में वह शादी करके अपनी आजादी को नहीं गंवाना चाहती।
एक महिला ने साफ तौर पर अपनी इच्छा को जाहिर करते हुए कहा कि वह और उसकी दोस्त अपनी सीमित कमाई के माध्यम से खुद का या अपने पालतू जानवर का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी समझती है, बजाय इसके कि वह एक परिवार शुरू करें।
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