
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च (March to Parliament) के दौरान व्यापक हंगामा और हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। जंतर-मंतर (Jantar Mantar), जनपथ और रायसीना रोड समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया, लेकिन देर रात वे दोबारा प्रदर्शन स्थल पर लौट आए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा (धारा 163) का उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
अभिजीत दिपके ने खत्म किया अनशन
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को करीब ढाई दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद भूख हड़ताल शुरू की थी।
सरकारी संपत्ति को नुकसान, 118 पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई और सुरक्षाबलों पर पथराव हुआ। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि जनपथ क्षेत्र में कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
झड़प में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना में घायल एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि जनपथ के पास अचानक पथराव शुरू हुआ और ऐसा प्रतीत हुआ कि पत्थर पहले से एकत्र किए गए थे।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
जेपी नड्डा से दो दौर की बातचीत
प्रदर्शन के बीच CJP प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। पहली बैठक सुबह हुई, जिसमें प्रतिनिधियों से उनकी मांगों का विवरण मांगा गया। इसके बाद शाम को उन्होंने लिखित ज्ञापन सौंपा। बताया गया कि बैठक में CJP की मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधियों से आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।
सरकार की रही लगातार नजर
पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार की नजर बनी रही। गृह मंत्री अमित शाह लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर ही न्यूनतम बल का प्रयोग किया जाए।
आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
पुलिस कार्रवाई और दिनभर के तनाव के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात फिर जंतर-मंतर पहुंच गए। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि संसद तक मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा और प्रदर्शन जारी रहेगा।
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