
चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री (CM) सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने सोमवार को राज्य की पूर्ववर्ती डीएमके सरकार (DMK government) पर भ्रष्टाचार (Corruption) के गंभीर आरोप लगाए और सरकारिया आयोग की रिपोर्ट, वीरनम पाइपलाइन प्रोजेक्ट तथा ED के आरोपों का हवाला दिया। उन्होंने डीएमके नेताओं पर सरकार में रहते हुए भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की पूर्व सरकार पर जनता के फैसले का अनादर करने का आरोप लगाते हुए महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों पर
महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर सख्त चेतावनी
पुलिस विभाग के लिए अनुदान की मांगों पर विधानसभा में हुई बहस का जवाब देते हुए विजय ने कहा कि राजनीतिक आलोचना अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। महिलाओं के बारे में अश्लील या अपमानजनक टिप्पणी करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
DMK नेताओं के बयानों पर भी निशाना
मुख्यमंत्री ने DMK पदाधिकारियों के उन बयानों की भी आलोचना की, जो कथित तौर पर उन लोगों के खिलाफ दिए गए थे जिन्होंने पार्टी को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां जनता के फैसले के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती हैं और यही वजह है कि पार्टी अब विपक्ष में बैठी है।
सरकारिया आयोग और वीरनम पाइपलाइन प्रोजेक्ट का जिक्र
भ्रष्टाचार के आरोपों पर बात करते हुए विजय ने उन दस्तावेजों और जानकारियों का जिक्र किया, जो उनके अनुसार आधिकारिक रिकॉर्ड और विधानसभा लाइब्रेरी में मौजूद हैं। उन्होंने 1977 की सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और वीरनम पाइपलाइन प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं का हवाला दिया। उनके अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए कमीशन की मांग की गई थी, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय का कथित तौर पर एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए गलत इस्तेमाल किया गया था।
ED के आरोपों का भी सदन में हवाला
विजय ने पार्टी फंड के नाम पर पैसे इकट्ठा करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लेन-देन में 7.5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने कथित तौर पर अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल किया था। मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि पूर्व मंत्री से जुड़े अधिकारी और लोग कथित लेन-देन में शामिल थे। एजेंसी के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और पार्टी नेता उदयनिधि स्टालिन का भी नाम लिया। हालांकि, विजय द्वारा बताए गए आरोप अभी भी केवल आरोप हैं और किसी अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है।
‘रिकॉर्ड सार्वजनिक हैं’
विजय ने कहा कि रिकॉर्ड बहुत बड़े हैं और उन्हें पूरा पढ़ने में लगभग दो दिन लगेंगे, इसलिए उन्होंने सदन के सामने केवल उनका सारांश पेश किया। उन्होंने DMK को चुनौती दी कि वह सबूत मांगने के बजाय आरोपों का जवाब दे, क्योंकि उनके अनुसार सबूत पहले से ही सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं।
‘पद या सत्ता के लिए राजनीति में नहीं आया’
अपनी बात खत्म करते हुए विजय ने कहा कि वे राजनीति में न तो पद के लिए आए हैं और न ही सत्ता के लिए, बल्कि लोगों की सेवा करने के लिए आए हैं। उन्होंने सी.एन. अन्नादुरई, एम.जी. रामचंद्रन और एन.टी. रामाराव की विरासत का भी जिक्र किया और कहा कि राजनीतिक विरोध पर अंततः जनता का स्नेह ही भारी पड़ेगा।
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