
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानियों (Democracy Fighters) के सम्मान में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के लिए तीर्थयात्रा (Pilgrimage) के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने, प्रदेश के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस (Circuit Hous) में दो दिन नि:शुल्क ठहरने, मुफ्त इलाज और एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने का ऐलान किया। साथ ही दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में उनके गांव-कस्बों में शिलालेख स्थापित करने तथा पार्क, मार्ग और खेल मैदानों का नाम उनके नाम पर रखने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताम्रपत्र से वंचित लोकतंत्र सेनानियों को भी जल्द सम्मानित किया जाएगा। बता दें ताम्रपत्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला सम्मान-पत्र होता है। यह तांबे की प्लेट या विशेष प्रमाण-पत्र के रूप में प्रदान किया जाता है। लोकतंत्र सेनानियों के लिए ताम्रपत्र यह प्रमाणित करता है कि संबंधित व्यक्ति ने 1975-77 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उसे सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से लोकतंत्र सेनानी के रूप में मान्यता दी गई है।
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय शांति लाल संघवी तथा पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन की दूसरी लड़ाई के समान था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में लोगों को बिना अपील, बिना दलील और बिना सुनवाई जेलों में डाल दिया जाता था। ऐसे समय में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया, उन्हीं की बदौलत आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार से निकला व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, यह लोकतंत्र की ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान का सबसे अधिक दुरुपयोग कांग्रेस ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया और एक परिवार की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि आज देश तेजी से विकास कर रहा है, जबकि भारत के साथ आजाद हुआ पाकिस्तान लोकतांत्रिक अस्थिरता से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ ने हर कठिन समय में राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाई है।
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा जारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने और उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता को आयकर मुक्त करने की मांग दोहराई। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है और उनके सम्मान के लिए लगातार सकारात्मक पहल कर रही है।
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