
उज्जैन: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले के तराना (Tarana in Ujjain district) में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद (crops destroyed by hailstorm) होने पर एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मौत से पहले किसान ने अपनी बर्बाद फसल का वीडियो दर्दभरे गीत के साथ स्टेटस पर डालकर रिश्तेदार से बात की थी. दो दिन पहले उसकी बहन की सगाई हुई थी, अप्रैल में उसकी शादी होने वाली थी.
जानकारी के अनुसार, शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर तराना तहसील के ग्राम खेड़ा जामुनिया में रहने वाले किसान पंकज मालवीय (30) ने अपने छह बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी. मंगलवार शाम को आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से पूरी फसल खराब हो गई. इससे आहत होकर पंकज रात को घर नहीं गया. बुधवार सुबह जब परिजन खेत पर पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है.
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
बताया गया कि पंकज के दो बच्चे हैं, एक आठ साल का बेटा और पांच साल की बेटी. उसकी दो बहनें हैं, जबकि पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. पंकज ही घर का अकेला कमाने वाला था. फसल चौपट होने से वह गहरे तनाव में था. उसने मरने से पहले दर्दभरे गीत ‘ऐसा क्या गुनाह किया…’ पर अपनी खराब फसलों का वीडियो स्टेटस पर लगाया था.
बहन की शादी को लेकर था चिंतित
रिश्तेदार ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी. अप्रैल में शादी होनी है. ओलावृष्टि के बाद शाम करीब सात बजे पंकज ने फोन कर बहनों की शादी को लेकर चिंता जाहिर की थी. उसने कहा था कि फसल बर्बाद हो गई है, अब शादी कैसे होगी. समझाने के बावजूद उसने यह कदम उठा लिया.
विधायक ने की 50 लाख के मुआवजे की मांग
किसान की मौत के बाद विधायक महेश परमार परिजनों को सांत्वना देने उसके घर पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फसल बर्बाद होने के चलते किसान ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा कि किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे. जिससे परिवार की आर्थिक मदद हो सके.
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