
नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल (Congress General Secretary K.C. Venugopal) ने कहा कि पार्टी हाईकमान का फैसला सर्वोपरि (Decision of the party high command is Supreme) । कांग्रेस हाईकमान ने केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए वी.डी. सतीशन के नाम का ऐलान कर दिया ।
घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल का अंदाज़ एक राजनेता और एक वफादार पार्टी सिपाही जैसा था। उन्होंने बहुत सावधानी से अपने मन में किसी भी तरह की कड़वाहट को ज़ाहिर नहीं होने दिया। भले ही वे उस दौड़ में पीछे रह गए थे, जिसके बारे में कई अंदरूनी सूत्रों का मानना था कि यह आखिरी पल तक चली थी। उन्होंने सतीशन को बधाई देते हुए कहा, “सतीशन को मुख्यमंत्री बनाया गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी और वह इस फैसले को स्वीकार करेगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए यह एक शानदार जीत थी, जिसमें उसे 102 सीटें मिलीं।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का सामूहिक जनादेश किसी भी व्यक्ति की निजी महत्वाकांक्षाओं से कहीं ज़्यादा बड़ा होता है। हालांकि, यह माना जा रहा था कि कांग्रेस के 50 से ज़्यादा नए चुने गए विधायकों ने इस बड़े पद के लिए उनकी (वेणुगोपाल की) दावेदारी का समर्थन किया था। वेणुगोपाल ने साफ तौर पर कहा, “मैं शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि हाईकमान का फैसला ही अंतिम होगा और यह मेरी जिम्मेदारी है कि हाईकमान के फैसले का सम्मान हो और उसे लागू किया जाए।”
यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि वेणुगोपाल सिर्फ एक और दावेदार नहीं थे। एक मज़बूत संगठनात्मक नेटवर्क और विधायकों के बीच ज़बरदस्त समर्थन होने के कारण, कई लोगों की नज़र में वे इस दौड़ के सबसे मज़बूत दावेदारों में से एक थे। उनके समर्थकों ने खुले तौर पर उन्हें नई सरकार के स्वाभाविक प्रशासनिक चेहरे के तौर पर पेश किया था। फिर भी, निराशा के बावजूद वेणुगोपाल कांग्रेस की उस संस्कृति के प्रति पूरी तरह से वफादार रहे, जिसमें हाईकमान की सर्वोच्चता को स्वीकार किया जाता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved