
नई दिल्ली । सीजेपी के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान (During CJP’s ‘Chalo Sansad’ March) दिल्ली रणक्षेत्र में तब्दील हो गई (Delhi turned into Battlefield) ।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान भारी हंगामा और हिंसा देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन के करीब पहुंचने और अंदर घुसने के प्रयास के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। संसद का मुख्य द्वार बंद कर सुरक्षा बढ़ा दी गई, जबकि उस वक्त प्रधानमंत्री और सभी सांसद अंदर ही मौजूद थे। सीजेपी के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मीटिंग की ।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह मार्च उस वक्त उग्र हो गया जब हजारों की संख्या में युवा बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने, राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक जा पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। सुरक्षा बलों को फायरिंग पोजीशन में भी देखा गया।
इस झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस के एक सब-इनस्पेक्टर पथराव में चोटिल हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स के पास पथराव शुरू किया था। दूसरी ओर, सीजेपी ने आरोप लगाया है कि पुलिसिया कार्रवाई में करीब 40 से 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पार्टी ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जी के साथ मारपीट कर उनके बाल खींचे गए और झड़प के दौरान एक 12 साल की बच्ची का सिर भी फूट गया।
आंदोलन में उस वक्त भ्रम की स्थिति बन गई जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को जंतर-मंतर से हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे से साफ इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा है, ताकि वे दोबारा एकत्र न हो सकें। पुलिस इन सभी के बैकग्राउंड की जांच करने के बाद इन्हें चेतावनी देकर छोड़ेगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार से अपील की है कि वे युवाओं पर लाठीचार्ज करवाने के बजाय अपना अहंकार छोड़ें और प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुनें।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved