
इंदौर। इंदौर की सेंट्रल जेल में डेंगू को लेकर चिंता बढ़ गई है। जेल में बुखार के मरीज सामने आने के बाद मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे और जांच की। करीब 32 मरीजों की जांच में 3 कैदियों में एलाइजा टेस्ट के जरिए डेंगू की पुष्टि हुई है। सभी का उपचार जारी है। वहीं, एक कैदी की मौत को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कैदी सिकल सेल एनीमिया समेत कई बीमारियों से पीड़ित था और उसकी मौत डेंगू से नहीं हुई है।
इंदौर सेंट्रल जेल में बुखार के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जेलर के माध्यम से बुखार से पीड़ित मरीजों की जानकारी मिलने के बाद मलेरिया विभाग की टीम ने जेल में सर्वे किया। इस दौरान करीब 32 मरीजों की जांच की गई, जिसमें एलाइजा टेस्ट के जरिए 3 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया। तीनों मरीजों का उपचार जारी है और स्वास्थ्य विभाग लगातार उनकी निगरानी कर रहा है। जांच के दौरान कुछ मरीजों में टाइफाइड की भी पुष्टि हुई, जिनका भी उपचार किया गया है।
डेंगू के खतरे को देखते हुए मलेरिया विभाग की टीमें जेल की बैरकों से लेकर उन सभी स्थानों की जांच कर रही हैं, जहां पानी जमा होने की संभावना है। पानी में लार्वा मिलने पर एंटी-लार्वल गतिविधियां चलाकर उसे नष्ट कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, जिला मलेरिया कार्यालय की ओर से 100 से ज्यादा कैदियों और जेल स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे मच्छरों के लार्वा की पहचान कर उसका विनष्टीकरण कर सकें। वहीं, जेल में एक कैदी की मौत के बाद डेंगू से मौत की चर्चा पर स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के मुताबिक मृतक कैदी सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित था और उसे ब्लड से जुड़ी गंभीर समस्या के साथ अन्य बीमारियां भी थीं। विभाग ने साफ किया है कि उसकी मौत डेंगू के कारण नहीं हुई है।
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