
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की। उनका आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह करते हुए कहा था कि पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद किसी भी भारतीय सैनिक की शहादत नहीं हुई।
वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन को गलत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारतीय सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बाद में सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों के छह जवानों का बलिदान हुआ था। उन्होंने कहा, इससे साफ है कि संसद में रक्षा मंत्री का बयान गलत और भ्रामक था। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री की ओर से सदन में गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन और अवमानना माना जाता है। इसलिए रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए।
वेणुगोपाल संसद की लोक लेखा समिति (सार्वजनिक खाता समिति) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में हुई बहस के दौरान रक्षा मंत्री ने देश के लोगों से झूठ बोला। उन्होंने सवाल किया कि जुलाई 2025 में यह कैसे कहा गया कि किसी भारतीय सैनिक का बलिदान नहीं हुआ, जबकि एक साल बाद सेना ने छह जवानों के बलिदान की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, यह इन छह बलिदानियों के परिवारों और पूरे सशस्त्र बलों का गंभीर अपमान है कि देश को उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के बारे में समय पर नहीं बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सैनिकों की शहादत के बारे में सच नहीं बताया।
हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की दीवार पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान देने वाले छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए। इनमें भारतीय सेना के पांच और भारतीय वायुसेना का एक जवान शामिल है। मई 2025 में हुए इस सैन्य अभियान के बाद पहली बार सरकार ने इन छह शहीदों के नाम सार्वजनिक किए।
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