
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) में मतदाता सूची (Electoral Roll) में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने SDM रैंक के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिले की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों का दोबारा सत्यापन कराने और तय समयसीमा में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी निलंबित करने के निर्देश
मामला पीलीभीत की सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सामने आई गड़बड़ी से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी अनुमति के बिना दोनों अधिकारियों को बहाल नहीं किया जाएगा।
कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ FIR में जुड़ेगी नई धारा
चुनाव आयोग ने मतदाता पंजीकरण केंद्र में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 जोड़ने का निर्देश दिया है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में दोनों अधिकारी मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी भी नामजद हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश के मुताबिक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
चारों विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट की होगी जांच
सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग ने पूरे जिले की वोटर लिस्ट की जांच कराने का फैसला किया है। पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी को जिले की सभी चार विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों का पुन: सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने इस प्रक्रिया की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मांगी है। वहीं, मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा तीन दिन में देने को कहा गया है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही चारों विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट के दोबारा सत्यापन से सामने आने वाले तथ्यों पर भी नजर रहेगी।
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