
छिंदवाड़ा। कान्हा नेशनल पार्क से भटका जंगली हाथी एक बार फिर छिंदवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच गया। बम्हनी गांव में हाथी ने बुधवार रात और गुरुवार सुबह जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने दो किसानों के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान खेत में मौजूद 70 वर्षीय किसान रामप्रसाद कहार पर हमला कर दिया। हाथी ने किसान को सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घायल किसान को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा रेफर किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी पिछले करीब एक महीने से इस क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है। कभी जंगल के आसपास तो कभी खेतों में हाथी की मौजूदगी देखी जा रही है। अब तक हाथी खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा था, लेकिन पहली बार उसने ग्रामीण पर हमला किया है। इससे गांव में भय का माहौल है।
बताया गया कि रामप्रसाद कहार अपने खेत की ओर गए थे। इसी दौरान हाथी वहां पहुंच गया। किसान कुछ समझ पाते, इससे पहले हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। हमले में किसान घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के लगातार क्षेत्र में घूमने के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। किसान दिन में भी खेत जाने से पहले आसपास का क्षेत्र देखते हैं और रात के समय खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। किसान पर हमले के बाद ग्रामीणों में डर और बढ़ गया है।
हाथी ने बम्हनी क्षेत्र के दो खेतों में घुसकर फसल को रौंद दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी खेत में काफी देर तक घूमता रहा और फसल को नुकसान पहुंचाता रहा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
हाथी की दहशत के बीच गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति भी बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से रात के समय परेशानी और बढ़ गई है। अंधेरे में हाथी की गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। वन क्षेत्र से लगे गांव में हाथी की मौजूदगी और बिजली गुल होने से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह हाथी पिछले करीब एक महीने से क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। वन विभाग की टीम द्वारा हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन हाथी बार-बार आबादी और खेतों की तरफ पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने, हाथी को सुरक्षित तरीके से आबादी क्षेत्र से दूर करने और प्रभावित किसानों को फसल व अन्य नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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