
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद (Congress leader Salman Khurshid) ने कहा कि धन को अधिक महत्व देकर (By placing too much Importance on Wealth) भगवान राम के प्रति आस्था को भुला दिया गया (Faith in Lord Ram was Forgotten) ।
राम मंदिर में कथित चंदा विवाद के मामले पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर का निर्माण कराया है, उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति सभी की आस्था है। कोई सनातन धर्म से जुड़े होने के कारण आस्था रखता है, तो कोई अपने मित्रों या सहयोगियों के माध्यम से भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखता है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि जो लोग राम मंदिर पर अपना अधिकार जताते हैं और हर जगह इसकी चर्चा करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या उन्होंने भगवान राम की आस्था से अधिक पैसे को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि कहीं धन को अधिक महत्व देकर भगवान राम के प्रति आस्था को तो नहीं भुला दिया गया।
कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा, “अगर हम सड़क पर न चलें तो कहां जाएं? इस देश में रहें या न रहें? कैलाश विजयवर्गीय क्या कहते हैं, क्या उन्हें अपने बयान की समझ है? सड़क हिंदुओं, मुसलमानों और ईसाइयों सभी ने मिलकर बनाई है। क्या उन्हें पता है कि सड़क निर्माण में किन-किन लोगों का योगदान रहा है?” उन्होंने आगे कहा कि सड़क की नहीं, देश की बात होनी चाहिए। देश की आजादी के लिए कौन-कौन लड़ा था, इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मुसलमान देश की आजादी के लिए लड़े थे, तब किसी ने हिंदू-मुसलमान नहीं कहा था, सभी को भारतवासी कहा गया था। देशवासियों ने मिलकर इस देश का निर्माण किया है, लेकिन आज उन्हें बांटने की बातें की जा रही हैं।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान की बातें केवल कागजी या हवाई दावों तक सीमित हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर दिख रही असलियत का जवाब देना चाहिए। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुले रहने के मुद्दे पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि इसे खुला रखने के लिए पहल की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में भारत की ओर से भी पेशकश की गई थी। खुर्शीद ने कहा कि जब ईरान की एक कश्ती को यहां डुबोया गया था, तब भारत की ओर से कोई शिकायत तक नहीं की गई। इसके बावजूद ईरान ने भारत पर कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान काफी उदार देश है और भारत-ईरान के संबंध काफी पुराने हैं। ऐसे में भारत को ईरान का आभार व्यक्त करना चाहिए।
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