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दीवार से चूना खुरचकर खा रहा है बच्चा तो न करें नजरअंदाज, इस आदत के पीछे छिपी हो सकती है बड़ी वजह

August 11, 2026

नई दिल्ली। छोटे बच्चों (Young children)में कई बार ऐसी आदतें (habits)देखने को मिलती हैं जिन्हें देखकर माता पिता (Parents)हैरान रह जाते हैं। कुछ बच्चे दीवार से चूना खुरचकर खाने लगते हैं तो कुछ मिट्टी चॉक कागज (soil, chalk, paper)या दूसरी ऐसी चीजें मुंह में डालते हैं जो खाने योग्य नहीं होतीं। शुरुआत में माता पिता इसे बच्चे की शरारत या जिज्ञासा समझकर नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन अगर बच्चा बार बार ऐसी चीजें खाने की कोशिश कर रहा है तो इस आदत पर ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार गैर खाद्य चीजों को लगातार खाने की इच्छा Pica जैसी स्थिति से जुड़ी हो सकती है। इसके अलावा शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया जैसे पोषण संबंधी कारणों की भी जांच की जरूरत पड़ सकती है।

बच्चे के चूना खाने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। छोटे बच्चे अक्सर आसपास की चीजों को देखकर और उन्हें छूकर समझने की कोशिश करते हैं इसलिए कभी कभी जिज्ञासा के कारण भी वे दीवार से निकला चूना मुंह में डाल सकते हैं। लेकिन अगर यह व्यवहार लगातार बना हुआ है और बच्चा चूने के अलावा मिट्टी चॉक या अन्य गैर खाद्य वस्तुएं भी खाने लगा है तो इसे सामान्य आदत मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है ताकि बच्चे की स्थिति और पोषण संबंधी जरूरतों को समझा जा सके।

चूना खाने से बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। चूने के प्रकार और निगली गई मात्रा के आधार पर परेशानी अलग अलग हो सकती है। कुछ मामलों में पेट दर्द उल्टी कब्ज या पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अगर बच्चे ने अधिक मात्रा में चूना निगल लिया है या उसके मुंह में जलन दर्द उल्टी अथवा सांस लेने जैसी परेशानी दिखाई दे रही है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

बच्चे को इस आदत से बचाने के लिए सबसे पहले घर का वातावरण सुरक्षित बनाना जरूरी है। जहां से दीवार का चूना निकल रहा है उसे जल्द ठीक करवाएं और घर में रखा चूना पेंट पुट्टी या ऐसी दूसरी सामग्री बच्चे की पहुंच से दूर रखें। बच्चे को बार बार डांटने या डराने के बजाय प्यार से समझाएं और उसका ध्यान किसी खेल खिलौने या दूसरी गतिविधि की तरफ मोड़ें। इससे धीरे धीरे उसकी आदत को कम करने में मदद मिल सकती है।


  • बच्चे के भोजन पर भी ध्यान देना जरूरी है। उसकी उम्र और जरूरत के अनुसार आयरन प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देना चाहिए। हरी सब्जियां दालें चना राजमा अंडा और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ बच्चे की डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। हालांकि केवल चूना खाने की आदत देखकर माता पिता को खुद से आयरन या कोई दूसरा सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए। जरूरत होने पर डॉक्टर जांच के बाद उचित सलाह दे सकते हैं।

    अगर बच्चा लगातार चूना मिट्टी चॉक या अन्य गैर खाद्य चीजें खाता है तो बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे बेहतर कदम है। समय रहते कारण समझने और सही उपाय अपनाने से इस आदत को नियंत्रित किया जा सकता है। माता पिता का धैर्य बच्चे की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह इस समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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