
नोएडा। । मांगे पूरी न होने तक (Until their demands are Met) किसानों का आंदोलन जारी रहेगा (Farmers’ Protest will Continue) ।
किसान अपनी मांगों के समाधान की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता,तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा । अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बाहर किसानों ने तंबू लगाकर डेरा डाल दिया । किसानों की प्रमुख मांगों में भूमि अधिग्रहण के एवज में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने की मांग शामिल है। किसानों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन उसके बदले मिलने वाले लाभ और पुनर्वास से जुड़े कई मामलों का अब तक उचित समाधान नहीं हुआ है। किसान 10 प्रतिशत विकसित भूखंड की मांग को लंबे समय से उठाते रहे हैं।
इसके अलावा किसानों ने आबादी के निस्तारण और लीज बैक से जुड़े लंबित मामलों का तत्काल समाधान करने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि बड़ी संख्या में आबादी और लीज बैक के मामले लंबे समय से प्राधिकरण स्तर पर लंबित हैं। इन मामलों के निस्तारण में देरी के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों ने मांग की है कि लंबित मामलों की प्रक्रिया को तेज कर जल्द समाधान किया जाए। किसानों की एक अन्य प्रमुख मांग बढ़ी हुई दर से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने की है।
किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय तय मुआवजे और वर्तमान परिस्थितियों के बीच काफी अंतर है। ऐसे में प्रभावित किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें उनकी जमीन का उचित प्रतिफल मिल सके। किसानों ने अपने बच्चों के लिए रोजगार की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन विकास परियोजनाओं के लिए ली गई है, उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। किसानों के बच्चों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
वहीं, किसानों ने सर्किल रेट में लंबे समय से बढ़ोतरी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। किसानों के मुताबिक पिछले करीब 12 वर्षों से सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस अवधि में जमीन के बाजार मूल्य में काफी बदलाव आया है। किसानों की मांग है कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में मौजूदा और उचित बाजार दर को ध्यान में रखते हुए मुआवजा निर्धारित किया जाए। तीनों प्राधिकरणों के बाहर जारी धरने में किसान तंबू लगाकर लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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