फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से BJP सांसद मुकेश राजपूत (Mukesh Rajput) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संपत्ति विवाद (Property dispute) से जुड़े एक मामले में सांसद समेत कुल 87 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई MP-MLA कोर्ट के आदेश के बाद हुई है। आरोपियों पर मारपीट, डकैती, दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में सांसद के परिवार से जुड़े लोगों के अलावा उनके सुरक्षा गार्ड और कथित सहयोगियों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला 7 सितंबर 2025 को कासगंज जिले के सहावर थाना क्षेत्र में हुई कथित घटना से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं में सांसद मुकेश राजपूत की बहन रीना के ससुराल पक्ष के लोग शामिल हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संपत्ति विवाद के दौरान मुकेश राजपूत ने अपने राजनीतिक प्रभाव का कथित तौर पर इस्तेमाल किया और अपने जीजा को उनके ही घर से बाहर निकलवा दिया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दुकान पर कब्जा करने की कोशिश की गई।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जीजा को घर से निकाले जाने के बाद कुछ लोगों को कथित तौर पर घर और दुकान पर कब्जा करने के लिए भेजा गया। आरोप है कि इस दौरान मारपीट और लूटपाट की गई तथा दंगा भड़काने जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश हुई।
परिवार का दावा है कि उन्होंने घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए MP-MLA कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सहावर थाने में सांसद मुकेश राजपूत समेत 37 नामजद आरोपियों और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंगा, मारपीट, डकैती समेत अन्य संबंधित अपराधों के तहत केस दर्ज किया है।
कासगंज के पुलिस अधीक्षक ए.पी. सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। FIR में नाम होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है और सांसद समेत अन्य आरोपियों का पक्ष भी जांच के दौरान सामने आना बाकी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved