पटना। अब तक गंगाजल (Ganga water) के उपयोग के लिए केंद्र की तरफ टकटकी लगाकर देखने वाले बिहार को पहली बार गंगा के पानी में हिस्सेदारी (Sharing of Ganga water) मिल सकती है। बिहार को 900 क्यूसेक गंगाजल के उपयोग की अनुमति केंद्र की ओर दिए जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो यह पहली बार होगा जब आधिकारिक रूप से गंगा नदी के पानी में बिहार को निर्धारित हिस्सेदारी मिलेगी। अब तक गंगाजल में बिहार का कोई निर्धारित कोटा नहीं रहा है। हालांकि, बिहार ने गंगा नदी के पानी में कम-से -कम 2000 क्यूसेक पानी की हिस्सेदारी मांगी थी।
पिछले दिनों बिहार ने बांग्लादेश को पानी दिए जाने के पैटर्न पर अपनी आपत्ति जतायी थी। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने इस संबंध में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के साथ बैठक भी की थी। उस समय बिहार ने भी इस बार संधि में एक पक्ष बनने की इच्छा जताई थी।
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