न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका पहुंचे ईरान (Iran) के दो राजनयिकों को देश से निष्कासित कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने महासभा की बैठकें समाप्त होने के बाद दोनों राजनयिकों को अमेरिका छोड़ने का आदेश दिया था। आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने शुक्रवार रात और दूसरे ने शनिवार सुबह न्यूयॉर्क से प्रस्थान किया। अधिकारी ने बताया कि महासभा में शामिल होने आए ईरान के प्रतिनिधिमंडल के दोनों सदस्यों को पहले ही अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय पर देश नहीं छोड़ने के कारण उन्हें निष्कासित कर दिया गया।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी बात के पक्के हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा समाप्त होने के काफी समय बाद भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्य न्यूयॉर्क में मौजूद थे। अब उन्हें देश से निकाल दिया गया है।”
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि युद्ध बहुत जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
दोनों देशों के बीच बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा प्रमुख बना हुआ है। ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संकेत दिया था कि यदि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, जब्त या फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करता है और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देता है, तो वह एक सप्ताह के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल सकता है।
हालांकि, ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को तत्काल खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान कमजोर स्थिति में होने के कारण समझौता करना चाहता है और उसका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रस्ताव खारिज होने के बावजूद मध्यस्थ दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त कराने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और इसके बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है।
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