
नई दिल्ली। अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर निर्माण के बाद अब कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बीच स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज (Swami Govind Dev Giri Maharaj) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मथुरा (Mathura) में भी अयोध्या की तरह भव्य मंदिर का निर्माण होगा।
अदालत में जीत की जताई उम्मीद
स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने विश्वास जताया कि इस मामले में अदालत का फैसला हिंदू पक्ष के पक्ष में आएगा। उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या में राम मंदिर का सपना साकार हुआ, उसी तरह मथुरा में भी मंदिर निर्माण निश्चित है। उनका कहना था कि यह निर्माण देश की भावना के अनुरूप होगा और इसमें कोई बड़ी बाधा नहीं है।
इंदौर कार्यक्रम में दिया बयान
स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज इंदौर में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मामला अदालत में विचाराधीन है, लेकिन परिणाम सकारात्मक आने की उम्मीद है।
देश को बांटने की साजिश का जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले 150-200 वर्षों से देश को जाति, भाषा, खान-पान और क्षेत्र के आधार पर बांटने की कोशिशें की गई हैं। उनके अनुसार, आज भी देश इन विभाजनों के प्रभाव को झेल रहा है।
RSS की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की एकता बनाए रखने में संघ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके मुताबिक, यदि संघ न होता तो देश की स्थिति और भौगोलिक स्वरूप अलग हो सकता था।
अयोध्या का उदाहरण दिया
स्वामी जी ने भगवान राम के जन्मस्थान अयोध्या में बने मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और मथुरा में भी इसी तरह का निर्माण संभव है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में लोगों की आस्था और विश्वास के अनुरूप निर्णय होगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved