
नई दिल्ली । राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG (NEET-UG)) को लेकर जारी विवाद के बीच अभिनेता ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था (Education System) में पारदर्शिता (Transparency) और छात्रों की मानसिक स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई है। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा एक बार फिर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
सोनम वांगचुक इन दिनों परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे। उनके आंदोलन को विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन मिल रहा है और अब फिल्म जगत की कई हस्तियां भी इस विषय पर अपनी राय सार्वजनिक कर रही हैं।
ऋतिक रोशन ने अपने सोशल मीडिया मंच पर सोनम वांगचुक का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एक शिक्षक की भूमिका निभाने के दौरान उन्हें छात्रों के संघर्ष और मानसिक दबाव को समझने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र लंबे समय तक कठिन परिश्रम करते हैं और ऐसी परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को प्रभावित कर सकती है। अभिनेता ने छात्रों की भावनाओं को समझने और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत पर जोर दिया।
ऋतिक रोशन वर्ष 2019 में प्रदर्शित फिल्म ‘सुपर 30’ में गणितज्ञ और शिक्षक आनंद कुमार की भूमिका निभा चुके हैं। यह फिल्म आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के संघर्ष और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच पर आधारित थी। इसी संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव वास्तविक और गंभीर होता है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था में निष्पक्षता और भरोसा बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
सोनम वांगचुक द्वारा साझा किए गए संदेश में भी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो इसका असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भविष्य में समाज की संस्थाओं और पेशेवर व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। कई लोग छात्रों की चिंताओं के समाधान और परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि विभिन्न सार्वजनिक हस्तियां भी इस विषय पर अपनी-अपनी राय रख रही हैं। हालांकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर संबंधित संस्थाओं की प्रक्रियाएं और निर्णय अलग से जारी हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता उसके निष्पक्ष संचालन पर निर्भर करती है। ऐसे में छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध जांच और स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक है। ऋतिक रोशन का समर्थन इसी व्यापक बहस का हिस्सा बनकर सामने आया है, जिसमें शिक्षा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और निष्पक्ष बनाने की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
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