
नई दिल्ली। भारत Team India)और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज(Test series) शुरू होने से पहले टीम इंडिया के सामने शुभमन गिल (Shubman Gill’s)की चोट ने नई चिंता खड़ी कर दी है। गिल भारतीय (Team India)टेस्ट टीम के कप्तान होने के साथ बल्लेबाजी क्रम में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर वह 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाते हैं तो भारतीय टीम को न सिर्फ कप्तानी बल्कि नंबर चार की बल्लेबाजी को लेकर भी बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।
शुभमन गिल को प्रैक्टिस के दौरान दाहिने हाथ की रिंग फिंगर में चोट लगी है। इसी वजह से वह इंडिया और श्रीलंका इलेवन के बीच खेले जा रहे अभ्यास मुकाबले के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मेडिकल टीम उनकी चोट पर लगातार नजर रख रही है। फिलहाल उनकी चोट कितनी गंभीर है और वह अभ्यास मैच में आगे हिस्सा लेंगे या नहीं इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। हालांकि अगर वह पहले टेस्ट से पहले फिट हो जाते हैं तो टीम इंडिया के लिए राहत की खबर होगी लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो नंबर चार पर उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा।
ऐसी स्थिति में रवींद्र जडेजा सबसे अनुभवी विकल्पों में से एक हो सकते हैं। जडेजा भले ही शुद्ध रूप से नंबर चार के बल्लेबाज नहीं हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। खासकर स्पिन के खिलाफ जडेजा की बल्लेबाजी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। वह पहले भी ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी कर चुके हैं और एक टेस्ट के लिए उन्हें नंबर चार पर भेजना टीम के लिए व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। इसके अलावा उनकी मौजूदगी टीम को गेंदबाजी में भी अतिरिक्त विकल्प देती है।
दूसरा नाम ध्रुव जुरेल का है। विकेटकीपर बल्लेबाज जुरेल ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल परिस्थितियों में अपनी बल्लेबाजी क्षमता दिखाई है। उन्होंने नंबर चार से लेकर नंबर छह तक बल्लेबाजी की है और उनके टेस्ट आंकड़े बताते हैं कि वह केवल बैकअप विकेटकीपर नहीं बल्कि एक उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। अगर टीम प्रबंधन ऋषभ पंत के साथ एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने का फैसला करता है तो जुरेल को नंबर चार पर मौका दिया जा सकता है। गिल की गैरमौजूदगी उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर भी बन सकती है।
तीसरा और शायद सबसे स्वाभाविक विकल्प देवदत्त पडिक्कल हो सकते हैं। पडिक्कल विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम के साथ हैं और नंबर चार पर बल्लेबाजी का अनुभव रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले पडिक्कल तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज माने जाते हैं। अगर टीम प्रबंधन सीधे गिल की जगह विशेषज्ञ बल्लेबाज उतारना चाहता है तो पडिक्कल को मौका मिल सकता है। हालांकि इससे भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या बढ़ जाएगी लेकिन एक टेस्ट के लिए यह बड़ी समस्या नहीं मानी जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल शुभमन गिल की फिटनेस को लेकर है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम की रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि वह श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में मैदान पर उतर पाएंगे या नहीं। अगर गिल फिट नहीं होते हैं तो टीम इंडिया के पास जडेजा का अनुभव जुरेल की युवा क्षमता और पडिक्कल की विशेषज्ञ बल्लेबाजी के रूप में तीन अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। अब फैसला टीम मैनेजमेंट को करना होगा कि वह अनुभव को प्राथमिकता देता है युवा खिलाड़ी पर भरोसा करता है या विशेषज्ञ बल्लेबाज को नंबर चार की जिम्मेदारी सौंपता है।
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