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वजन कम करना चाहतें हैं तो सेब का सिरका फायदेमंद, जानें कैंसे करें सेवन

आज के समय की इस व्‍यस्‍त लाइफस्‍टाइल (lifestyle) के बीच लोगों का वजन बढ़ना एक आम समस्या है। कभी गलत खानपान तो कभी शारीरिक असक्रियता के कारण लोगों का मोटापा (obesity) से सामना होता है। वर्तमान समय में फिट और बीमारियों से दूर रहने के लिए वजन पर नियंत्रण बनाए रखना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोटापा कई बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में लोग वजन कम (Lose weight) करने के लिए तमाम कोशिशें करते हैं। डाइटिंग से लेकर जिमिंग तक, हर तरीका अपनाते हैं। मोटापा कम करने के लिए रोजाना सेब के सिरके (Apple vinegar) का सेवन भी प्रभावी है। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करनी चाहिए नहीं तो नुकसान हो सकता है।

क्यों फायदेमंद है सेब का सिरका: 
हेल्दी तरीके से वजन कम करने में सेब का सिरका फायदेमंद है। ये लो कैलोरी से भरपूर होता है, साथ ही इसमें एसिटिक एसिड पाया जाता है जो पेट (stomach) को लंबे समय तक भरा रखता है। सेब का सिरका पीने से फैट बर्न करने में मदद मिलता है। वहीं, मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में भी इसका सेवन कारगर है। ये फैट बर्निंग प्रोसेस (Fat burning process) को बढ़ावा देता ही है, साथ ही त्वचा और बालों को बेहतर करने में भी मददगार है।


कितना करना चाहिए सेवन: 
सेब का सिरका को डाइरेक्ट पीने से बचें, वजन कम करने में लिए 1 गिलास गर्म पानी में 2 चम्मच सिरका मिलाकर खाली पेट पीयें। इसका अलावा, सलाद के ऊपर डालकर भी एप्पल साइडर विनेगर का सेवन किया जा सकता है।

क्या हो सकती है दिक्कतें: 
ज्यादा सेब का सिरका शरीर में पोटैशियम (Potassium) के स्तर को कम करता है। इससे बोन डेंसिटी कम होती है, हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि अर्थराइटिस या ऑस्टियोपोरेसिस (Arthritis or Osteoporesis) के मरीजों को सेब का सिरका इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी जाती है।

ज्यादा सेब का सिरका गले में जलन और स्किन बर्न का कारण भी बन सकता है। इसमें एसिड (Acid) की मात्रा अधिक होती है जो ऐसी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं। साथ ही, पाचन संबंधी दिक्कतें भी लोगों को हो सकती हैं। इससे अपच, पेट में सूजन, सीने में जलन और गैस की दिक्कत हो सकती है।

यही नहीं, सेब का सिरका ज्यादा पीने से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर कम हो जाता है। इसमें एंटी-ग्लाइसेमिक (Anti-glycemic) इफेक्ट होता है जो रक्त शर्करा के स्तर को कम कर देता है। वहीं, पोटैशियम की कमी के कारण रक्तचाप का स्तर भी कम होता है। ऐसे में लो बीपी और लो शुगर के मरीजों (Sugar patients) को इससे परहेज करना चाहिए।

नोट – उपरोक्‍त दी गई जानकारी व सुझाव सामान्‍यज जानकारी के लिए हैं इन्‍हें किसी प्रोफेशनल डॉक्‍टर की सलाह के रूप में न समझें कोई भी बीमारी या परेंशानी हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें ।

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