ई दिल्ली। नेपाल और भूटान की यात्रा (Nepal-Bhutan Trip) करने वाले भारतीय नागरिकों (Indian citizens) के लिए केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन नियमों (Immigration rules) में बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों की सीमा पार आवाजाही के दौरान पहचान दस्तावेजों से संबंधित शर्तों को स्पष्ट करते हुए नया संशोधित आदेश जारी किया है। इसका असर सड़क और हवाई मार्ग से सीधे इन देशों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
गृह मंत्रालय ने ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025’ की धारा 33 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेंप्शन) (अमेंडमेंट) ऑर्डर, 2026’ अधिसूचित किया है। इसके तहत भारतीय नागरिकों के साथ नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी पहचान प्रमाण से जुड़े प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
नए आदेश के अनुसार, भारत से सड़क या हवाई मार्ग से सीधे नेपाल अथवा भूटान जाने वाले भारतीय नागरिकों और वहां से सीधे भारत लौटने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन अधिकारी के समक्ष वीजा मैनुअल में निर्धारित मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ ही अधिकारी द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी भी देनी होगी।
हालांकि, इस छूट का लाभ उन भारतीय नागरिकों को नहीं मिलेगा, जो भारत-नेपाल या भारत-भूटान सीमा के रास्ते किसी तीसरे देश की यात्रा कर रहे हैं अथवा वहां से वापस लौट रहे हैं। ऐसे यात्रियों के लिए वैध पासपोर्ट अनिवार्य होगा। उन्हें केवल अधिकृत इमिग्रेशन चेकपोस्ट के माध्यम से ही सीमा पार करने की अनुमति होगी।
नेपाल और भूटान के नागरिकों पर भी लागू होंगे नियम
संशोधित आदेश में नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी पहचान संबंधी शर्तें स्पष्ट की गई हैं। सड़क या हवाई मार्ग से सीधे भारत आने अथवा भारत से अपने देश जाने वाले इन दोनों देशों के नागरिकों को इमिग्रेशन अधिकारी के सामने वीजा मैनुअल में निर्धारित मान्य पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
तीसरे देश की यात्रा करने वालों को रखना होगा ध्यान
नए प्रावधानों का उद्देश्य भारत, नेपाल और भूटान के बीच सीधे आवागमन तथा तीसरे देशों की यात्रा के लिए सीमा पार करने की प्रक्रियाओं को अलग-अलग स्पष्ट करना है। खास तौर पर तीसरे देश की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पासपोर्ट और अधिकृत इमिग्रेशन चेकपोस्ट से आवाजाही की शर्त महत्वपूर्ण है।
इसलिए नेपाल और भूटान की यात्रा की योजना बनाने वाले भारतीय नागरिकों को रवाना होने से पहले अपने यात्रा मार्ग और पहचान दस्तावेजों की वैधता की जांच कर लेनी चाहिए।
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