
नई दिल्ली। फ्रांस (France) में गुरुवार को दिनभर विरोध प्रदर्शनों (Protest) और हड़ताल (Strike) का माहौल रहा। छात्र, कर्मचारी और आम लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। वहीं, रात होते-होते पेरिस (Paris) के नेशन स्क्वायर पर नजारा बदल गया। यहां रंग-बिरंगी झांकियां निकाली गईं और जलती मशालों के साथ रोशनी छोड़ने वाले फ्लेयर्स आसमान में चमकते नजर आए। दिनभर के तनावपूर्ण माहौल के बाद रात का यह दृश्य चर्चा का विषय बना रहा।
गुरुवार (5 नवंबर) को नेशन स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग झांकियों और मशालों के साथ जुटे। हालांकि, दिन में हुए प्रदर्शनों के दौरान पेरिस और लियोन सहित कुछ शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। प्रदर्शन समाप्त होने के दौरान कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें अधिकारियों ने बुझाया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या पर अलग-अलग दावे
जानकारी के मुताबिक, फ्रांस के गृह मंत्रालय ने देशभर में हुए प्रदर्शनों में करीब 6 लाख लोगों के शामिल होने की जानकारी दी। वहीं, आंदोलन आयोजित करने वाली यूनियनों में से एक CGT ने दावा किया कि प्रदर्शन में 16 लाख लोग शामिल हुए। इस तरह सरकार और यूनियनों के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है।
ये प्रदर्शन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर दबाव बनाने के लिए आयोजित किए गए थे। आंदोलन के समर्थन में कुछ सरकारी कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल भी की।
महंगाई और कम वेतन से नाराजगी
फ्रांस में चल रहा यह आंदोलन केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। बढ़ती महंगाई, कम वेतन और शिक्षा के लिए अपर्याप्त बजट को लेकर छात्र, कर्मचारी और आम लोग नाराज हैं। छात्रों की मांग है कि स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाया जाए। वहीं, कर्मचारी वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी चाहते हैं।
इस आंदोलन की शुरुआत सितंबर में एक हाईस्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से हुई थी। शुरुआत में छात्र स्कूलों की स्थिति सुधारने और शिक्षा के लिए ज्यादा बजट देने की मांग कर रहे थे। धीरे-धीरे कर्मचारी भी आंदोलन से जुड़ते गए और विरोध देश के कई शहरों तक फैल गया।
स्कूलों से सार्वजनिक परिवहन तक असर
प्रदर्शन और हड़ताल का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा। फ्रांस के करीब एक तिहाई हाईस्कूल बंद रहे या सामान्य रूप से काम नहीं कर सके। कुछ स्थानों पर छात्रों ने स्कूलों के रास्ते रोक दिए, जबकि कई स्कूलों में शिक्षक हड़ताल पर रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी कुछ इलाकों में प्रभावित हुईं। पेरिस का एफिल टावर भी गुरुवार को बंद रहा।
आंदोलन में छात्रों के साथ कर्मचारी और सेवानिवृत्त लोग भी शामिल हुए। उनकी मांग है कि जब रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तो आम लोगों की आय में भी उसी के अनुरूप इजाफा होना चाहिए। इसी नाराजगी के चलते फ्रांस के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
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