
नई दिल्ली । दिशा सालियान (Disha Salian) की मौत से जुड़े मामले में जांच आगे बढ़ने के बीच उनके पिता सतीश सालियान (Satish Salian) और उनके वकील नीलेश ओझा (Nilesh Ojha) ने सुरक्षा की मांग की है। वकील ने दावा किया है कि मामले से जुड़े कुछ लोगों को धमकियां मिल रही हैं। सुरक्षा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Minister Amit Shah)और केंद्रीय जांच ब्यूरो, भारत के मुख्य न्यायाधीश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजे जाने की बात कही गई है।
नीलेश ओझा के मुताबिक, सुरक्षा की मांग करने वालों में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान, गवाह बताए गए समीर वानखेड़े, आशुतोष पाठक और वह खुद शामिल हैं। उनका कहना है कि इन लोगों को कथित तौर पर शिवसेना यूबीटी से जुड़े नेताओं की ओर से धमकियां मिलने की शिकायत है।
ओझा ने बताया कि मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद चार लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल पत्र लिखा गया। उनके अनुसार, पत्र में सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग के साथ मामले से जुड़े लोगों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों का भी उल्लेख किया गया है।
वकील ने आदित्य ठाकरे को मिली वाई-प्लस सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जिन लोगों ने मामले को सामने लाने की कोशिश की और जिन्हें कथित तौर पर धमकियां मिलीं, उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई, जबकि दूसरी ओर आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति को सुरक्षा उपलब्ध है।
ओझा ने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स से जुड़े रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आदित्य ठाकरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले में गैंगरेप, हत्या और मामले को दबाने के प्रयास से जुड़े आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
वकील ने यह भी कहा कि मामले से संबंधित शुरुआती साक्ष्य जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उनके अनुसार, सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ जांच एजेंसी को भी जानकारी दी गई है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा नहीं मिलने के कारणों की जांच की मांग किए जाने की बात भी कही।
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह सेलिब्रिटी मैनेजर थीं और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम कर चुकी थीं। उनकी मौत को शुरुआत में आकस्मिक मौत के मामले के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में आत्महत्या की बात सामने आई थी।
हालांकि, दिशा के पिता लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की थी। इसी मामले की परिस्थितियों की दोबारा जांच के लिए अब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के दौरान सतीश सालियान की ओर से मामले से जुड़े कुछ सामग्री और दावों को भी जांच एजेंसी के सामने रखने की बात सामने आई है।
दिशा सालियान की मौत के छह दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच समय के अंतर को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले में मार्च 2025 में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मुंबई की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी ने उस मामले में साजिश, आपराधिक कृत्य या हत्या की संभावना से इनकार किया था।
दिशा सालियान मामले में अब सुरक्षा की मांग और धमकियों के आरोप जांच के बीच सामने आए हैं। वकील की ओर से संबंधित संवैधानिक पदों और जांच एजेंसी को भेजे गए पत्र के बाद मामले में सुरक्षा को लेकर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
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