
इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल प्रबंधन का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अधिकारियों ने अधूरे टर्मिनल-1 को ही पूरा तैयार बनाते हुए 29 मार्च को नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उद्घाटन करवा दिया। उद्घाटन के एक माह बाद भी इसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका है और अब भी अधूरे काम पूरे किए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इसके मुख्य बोर्ड को ही खोलकर हटा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इंदौर एयरपोर्ट पर 2012 में शुरू हुए नए टर्मिनल के बाद पुराने टर्मिनल को बंद कर दिया गया था, लेकिन लगातार बढ़ती यात्रियों और उड़ानों की संख्या और एक और नए टर्मिनल के लिए जमीन की बाधा के चलते पुराने टर्मिनल को एक बार फिर नए रूप में तैयार करने का निर्णय लिया गया। 50 करोड़ से पुराने टर्मिनल को तैयार कर टर्मिनल-1 का नाम दिया गया। विमानतल प्रबंधन ने मार्च में इसे तैयार बताकर 29 मार्च को समारोह आयोजित कर नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू और मुख्यमंत्री डॉ. यादव से इसका उद्घाटन भी करवा दिया। तब कहा गया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज ऑफ इंडिया (बीसीएएसआई) से अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिलना बाकी है। इसके मिलते ही कुछ ही दिनों में यहां से उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन एक माह बाद भी यह शुरू नहीं हो पाया है, जबकि सुरक्षा मंजूरी 15 दिन पहले ही मिल चुकी है। इसका मुख्य कारण अब भी यहां कई कामों का अधूरा होना है।
टर्मिनल का पूरा बोर्ड हटाया… रास्ते पर फिर मचान का जाल
हाल ही में अधूरे काम पूरे करने के लिए टर्मिनल -1 का पूरा मुख्य बोर्ड खोलकर हटा दिया गया है, जिस पर देवी अहिल्याबाई होलकर टर्मिनल-1 लिखा गया था। यहां काम करने के लिए मार्ग पर एक बार फिर लोहे के पाइप के मचानों का जाल बना दिया गया है। यहां मजदूर बिना सुरक्षा साधनों के ही काम भी करते हैं। बताया जा रहा है कि अंदर भी अभी कई काम अधूरे हैं।
नई एयरलाइंस भी अटकी
इंदौर से 17 अप्रैल से नई एयरलाइंस फ्लाई 91 भी जलगांव और हैदराबाद के लिए उड़ानों का संचालन शुरू करने वाली थी। कंपनी इसी टर्मिनल से अपनी उड़ानों का संचालन करेगी। बताया जा रहा है कि टर्मिनल के शुरू न हो पाने के कारण नई एयरलाइंस भी अपनी सेवाएं शुरू नहीं कर पा रही है, जिससे यात्रियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ना फोर्स मिला ना टेंडर हुए
टर्मिनल-1 शुरू न हो पाने का एक बड़ा कारण यहां सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ का अतिरिक्त स्टाफ न मिलना भी है। इसके लिए गृह मंत्रालय से अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। हालांकि पहले अधिकारियों ने कहा था कि बीसीएएसआई से मंजूरी मिलने पर टर्मिनल शुरू करने के लिए अस्थायी रूप से फोर्स बुलाकर ही काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अभी ऐसा भी कुछ नजर नहीं आ रहा। इसके साथ ही यहां यात्री सेवाएं शुरू करने के लिए साफ-सफाई और खाने-पीने के काउंटर्स का भी टेंडर नहीं हुआ है। साफ-सफाई के अभाव में हाल ही में बने टर्मिनल में हर तरफ गंदगी फैली है और मशीनों पर धूल की मोटी परतें जमने लगी हैं।
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