
इंदौर। आज से 30 साल पहले यूरोपियन देशों की तर्ज पर मुंबई के पास 250 एकड़ से अधिक जमीन पर पवई जैसी मॉर्डन सिटी विकसित करने वाले हीरा नंदानी समूह के प्रमुख डॉ. नीरंजन हीरानंदानी कल शहर में मौजूद रहे। द अर्बन डायलॉग इंडस्ट्री संवाद कार्यक्रम में शहर के रियल इस्टेट कारोबारियों, प्लानर, डवलपर से उन्होंने सीधी चर्चा की, तो साथ ही अग्रिबाण सहित कुछ मीडियाकर्मियों से भी बात करते हुए उन्होंने बढ़ते शहरीकरण के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर और अधिक से अधिक मकानों की जरूरत बताई। इंदौर को वर्टिकल ग्रोथ के मुताबिक विकसित करने के साथ ही श्री हीरा नंदानी ने मास्टर प्लान, टीडीआर, रेरा, स्टाम्प ड्यूटी, अतिरिक्त एफएआर सहित कई मामलों में प्रदेश सरकार के पॉलिसी पैरालिसिस पर भी महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि इंदौर-भोपाल जैसे महत्वपूर्ण शहरों में सालों तक मास्टर प्लान ही नहीं आते। जबकि महाराष्ट्र में ऐसा कोई शहर नहीं है जिसका मास्टर प्लान ना हो।
महाराष्ट्र और उससे जुड़े क्षेत्रों में रियल इस्टेट के कई बड़े सफल प्रोजेक्ट कर चुके हीरा नंदानी समूह द्वारा अब अलीबाग को विकसित किया जा रहा है, जहां पर वॉटर स्पोटर््स सुविधाओं के साथ-साथ विशाल क्षेत्र में होटल, टाउनशिप, हॉस्पिटल सहित अन्य सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। कल वे नेशनल रियल इस्टेट डवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन के रूप में इंदौर पहुंचे और ब्रिलियंट कन्वेंशन में आयोजित द अर्बन डायलॉग इंडस्ट्री कार्यक्रम में शामिल हुए। एमपी चैप्टर के अध्यक्ष विवेक दम्मानी के मुताबिक नारेडको 1998 में बनाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य बिल्डर और सरकार के बीच संवाद स्थापित करना। एमपी चैप्टर के सचिव एसएन मंत्री सहित क्रेडाई के पदाधिकारी संदीप श्रीवास्तव, अतुल झंवर सहित अन्य भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड शहर के जाने-माने बिल्डर शरद डोसी, भूपेश संघवी, मोहन चुघ और नरेन्द्र कंधारी को दिया गया। वहीं यंग अचीवर्स अवॉर्ड विपुल अग्रवाल और अनुराग माहेश्वरी को मिला। कल रात इस आयोजन में नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलावा सांसद और महापौर भी मौजूद रहे। श्री हीरा नंदानी ने दोपहर में चुनिंदा मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा कि जिस तरह कुछ समय पूर्व केन्द्र सरकार ने जीएसटी की दरों में कमी की, उससे राजस्व अचानक बढ़ गया।
इसी तरह अगर स्टाम्प ड्यूटी मध्यप्रदेश सरकार घटाती है तो उल्टा उससे राजस्व बढ़ेगा ही। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सबसे अधिक स्टाम्प ड्यूटी साढ़े 12 प्रतिशत मध्यप्रदेश में वसूल की जा रही है। यह भी आश्चर्य की बात है कि इंदौर जैसे वाणिज्यिक और देश के मध्य मौजूद शहर में मास्टर प्लान बीते 5 सालों से नहीं आया, तो टीडीआर, अतिरिक्त एफएआर सहित रियल इस्टेट से जुड़ी अन्य पॉलिसियों पर भी प्रभावी अमल नहीं हो पाया है। इंदौर जैसे शहर को आज वर्टिकल ग्रोथ की जरूरत है, जिसमें मुंबई-पुणे की तरह बड़ी-बड़ी हाईराइज बिल्डिंगें और ऐसे प्रोजेक्ट आ सकें। उन्होंने कहा कि रेरा कानून अच्छा है, मगर उसके अमल में कुछ खामियां हैं। वहीं सभी राज्यों द्वारा इसके नियम भी अलग बनाए गए हैं। इस अवसर पर मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहरों का विकास हो, मगर उसे दिल्ली की तरह संक्रमित ना बनाया जाए। पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हीरा नंदानी को इंदौर में भी अपने प्रोजेक्ट लाना चाहिए।
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