
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी (IPS Officer) डॉ. बुशरा बानो (Bushra Bano) का खड़गपुर (Kharagpur) की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद से तबादला (Transfer) कर दिया गया है। उन्हें अब स्टेट आर्म्ड पुलिस (State Armed Police) की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट (Deputy Commandant) की जिम्मेदारी दी गई है। यह तबादला उनके एक यूट्यूब वीडियो (YouTube Video) को लेकर विवाद सामने आने के बाद हुआ है। इस वीडियो में उन्होंने UPSC की तैयारी और अपने अनुभव के बारे में अभ्यर्थियों से बातचीत की थी।
वीडियो में बुशरा बानो ने बताया था कि सऊदी अरब से लौटने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी और वहां की लाइब्रेरी से उन्हें UPSC की तैयारी में काफी मदद मिली। वह वीडियो में दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करती भी नजर आई थीं। इसी वीडियो में उन्होंने ‘अस्सलामु अलैकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
वीडियो सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई। हिंदू लीगल फंड नामक संगठन ने राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को शिकायत भेजी। शिकायत में वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को सार्वजनिक रूप से बातचीत करते समय निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।
शिकायत करने वाले संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि बुशरा बानो ने वीडियो में ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल नहीं किया। संगठन ने उनके द्वारा धार्मिक अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों के फेरबदल का आदेश जारी किया गया।
तबादले के तहत बुशरा बानो को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी से हटाकर स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट बनाया गया है। वहीं चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त डीसी पार्थ घोष को खड़गपुर में उनकी जगह नया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
बुशरा बानो के तबादले की खबर सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक मुस्लिम IPS अधिकारी का केवल ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाअल्लाह’ कहने पर तबादला किया जाना हास्यास्पद है। उन्होंने देश में नफरत और कट्टरता बढ़ने की बात भी कही।
इस घटनाक्रम के बाद सरकारी अधिकारियों के सार्वजनिक संवाद, धार्मिक अभिव्यक्ति और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ शिकायत करने वाले संगठन ने अधिकारी के सार्वजनिक वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सवाल उठाए हैं, वहीं विपक्षी दल की ओर से तबादले को लेकर सरकार की आलोचना की गई है।
बुशरा बानो के मामले में सामने आए घटनाक्रम में पहले UPSC की तैयारी से जुड़ा वीडियो सामने आया, फिर उसमें इस्तेमाल अभिव्यक्तियों को लेकर शिकायत की गई और इसके बाद उनका प्रशासनिक तबादला कर दिया गया। अब वह खड़गपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के बजाय स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी।
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