
नई दिल्ली। दिवाली (Diwali) 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी और इससे पहले ग्रहों (Planets) की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अक्टूबर में बुध और शुक्र (Mercury and Venus) वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बुध को बुद्धि, वाणी, कारोबार और संचार का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की वक्री चाल अलग-अलग राशियों के जीवन में अलग प्रभाव डाल सकती है। कुछ राशियों के लिए पुराने काम दोबारा गति पकड़ने और नए अवसर मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ को स्वास्थ्य, रिश्तों और बड़े फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
3 अक्टूबर से वक्री होंगे शुक्र, 24 अक्टूबर से बुध
द्रिक पंचांग के अनुसार शुक्र 3 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक वक्री अवस्था में रहेंगे। वहीं बुध 24 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक वक्री रहेंगे। इस तरह 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक करीब 21 दिनों की अवधि ऐसी होगी, जब दोनों ग्रह एक साथ वक्री अवस्था में रहेंगे। दिवाली से पहले ग्रहों की यह स्थिति ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ग्रह का वक्री होना वास्तव में उसके अपनी कक्षा में पीछे की ओर चलने का संकेत नहीं है। यह पृथ्वी से देखने पर ग्रह की गति में दिखाई देने वाला एक विशेष परिवर्तन है। ज्योतिष में वक्री ग्रहों की स्थिति को पुराने मामलों की समीक्षा, अटके हुए कामों के दोबारा सामने आने और कुछ कार्यों में देरी जैसी स्थितियों से जोड़ा जाता है।
बुध की वक्री चाल से इन राशियों को लाभ के संकेत
मेष: मेष राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल कारोबार के लिहाज से अनुकूल मानी जा रही है। व्यापार करने वालों को लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता काम आ सकती है। पुराने संपर्कों के जरिए भी कोई रुका हुआ काम बनने की संभावना है।
कर्क: नौकरी और करियर के मामले में कर्क राशि वालों के लिए यह समय बेहतर रह सकता है। काम से जुड़े नए अवसर मिलने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत बताए जा रहे हैं। हालांकि किसी भी अवसर को स्वीकार करने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझना जरूरी होगा।
वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए बुध की वक्री चाल सकारात्मक परिणाम ला सकती है। कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम फिर गति पकड़ सकते हैं और पहले किए गए प्रयासों का लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।
मिथुन: मिथुन राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए इस राशि के लिए बुध की वक्री चाल का प्रभाव विशेष माना जाता है। करियर और कामकाज में अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं। हालांकि मानसिक तनाव और स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छोटी-छोटी बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने से बचना बेहतर रहेगा।
शुक्र की वक्री चाल में इन राशियों को रहना होगा सावधान
वृषभ: वृषभ राशि वालों को इस अवधि में स्वास्थ्य और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है, इसलिए दिनचर्या को व्यवस्थित रखना बेहतर रहेगा।
मिथुन: मिथुन राशि के जातकों को बच्चों और परिवार से जुड़े मामलों पर ध्यान देना होगा। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। रिश्तों से जुड़ी उलझनों में जल्दबाजी के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना बेहतर रहेगा।
कन्या: कन्या राशि वालों के लिए शुक्र की वक्री चाल कुछ मामलों में राहत लेकर आ सकती है। खासतौर पर 3 अक्टूबर के बाद भाग्य का साथ मिलने के योग बताए गए हैं। पुराने काम पूरे होने और नई संभावनाएं सामने आने की उम्मीद रह सकती है।
तुला: शुक्र तुला राशि में वक्री होंगे, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासकर स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही से बचना होगा। दिनचर्या, आराम और अपनी सेहत पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।
मकर: मकर राशि वालों के लिए यह समय काम पर एकाग्रता बनाए रखने का है। एक साथ कई काम संभालने के बजाय प्राथमिकताएं तय करके आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। काम में छोटी गलती भी परेशानी पैदा कर सकती है, इसलिए जरूरी कार्यों को दोबारा जांच लेना फायदेमंद रहेगा।
कुंभ: कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र की वक्री चाल के दौरान भाग्य का साथ कुछ कमजोर पड़ने के संकेत बताए गए हैं। ऐसे में केवल किस्मत के भरोसे रहने के बजाय मेहनत और सही रणनीति पर ध्यान देना बेहतर होगा। निवेश या बड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना भी जरूरी माना जा रहा है।
दिवाली से पहले क्यों महत्वपूर्ण है यह अवधि?
दिवाली को धन, सुख-समृद्धि और नए कामों की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में दिवाली से ठीक पहले बुध और शुक्र की चाल में बदलाव होने के कारण ज्योतिषीय दृष्टि से यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि ग्रहों की स्थिति का प्रभाव हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। जन्म कुंडली और उसमें ग्रहों की स्थिति के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इन राशिफल संकेतों को ज्योतिषीय मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved