वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के राष्ट्रपति (President of Iran) समेत किसी भी पक्ष से बातचीत के लिए तैयार हैं, यदि इससे ईरान के परमाणु हथियार (Iran, nuclear weapons) हासिल करने की संभावना को खत्म करने और सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘टुडे’ में क्रेग मेल्विन के साथ बातचीत में रूबियो ने कहा कि फिलहाल ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात तय नहीं है, लेकिन अमेरिका ऐसी किसी संभावना के लिए तैयार है।
रूबियो ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित पक्षों के बीच संवाद जरूरी है। बातचीत का मतलब यह नहीं है कि दोनों पक्ष अंततः एक-दूसरे से सहमत हो जाएंगे, लेकिन किसी समस्या के समाधान के लिए संवाद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
ईरान के परमाणु हथियार को बताया बड़ा खतरा
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरानी शासन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने देश के लोगों के साथ जिस तरह व्यवहार करता है और क्षेत्र में अपने सहयोगी संगठनों के माध्यम से जिस तरह की हिंसा हुई है, उसे देखते हुए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
रूबियो ने कहा कि यदि इस लक्ष्य को बातचीत या किसी अन्य सकारात्मक तरीके से हासिल करने की संभावना बनती है तो अमेरिका उस रास्ते पर आगे बढ़ना चाहेगा।
अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर रूबियो ने कहा कि मौजूदा कीमतें निश्चित रूप से ऊंची हैं, लेकिन यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थायी नियंत्रण स्थापित करने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने की स्थिति में आ सकता था।
रूबियो ने कहा कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए काम किया है और वहां से अब अधिक जहाज गुजर रहे हैं। उन्होंने माना कि कुछ जहाजों पर हमले अभी भी हो रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार अधिकांश जहाज बिना हमले का शिकार हुए जलडमरूमध्य पार कर रहे हैं और कई प्रभावित जहाज भी अपनी यात्रा पूरी करने में सफल रहे हैं।
तेल आपूर्ति को लेकर अलग-अलग आंकड़ों का दावा
जब उनसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के उस आकलन के बारे में पूछा गया कि युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में होर्मुज से अब करीब पांचवां हिस्सा ही तेल निकल रहा है, तो रूबियो ने कहा कि यह आंकड़ा कुछ सप्ताह या महीनों पुराने आंकड़ों पर आधारित है। उनके अनुसार मौजूदा समय में जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा बाहर आ रहा है और यह मात्रा बढ़ रही है।
रूबियो ने तेल कीमतों में हालिया तेजी के लिए सऊदी अरब की पाइपलाइन पर हूती विद्रोहियों के हमले को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हमले के बाद सऊदी अरब ने पाइपलाइन बंद कर दी, जिससे बाजार में भविष्य की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। रूबियो ने हूतियों को ईरान से जोड़ते हुए कहा कि वे ईरान के समर्थन पर काम करते हैं।
चीन के साथ बैठक में एआई पर भी चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक के संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि एआई ऐसी तकनीक है जिसका विकास रोका नहीं जा सकता। इसलिए चुनौती यह है कि इसके लाभ हासिल करने के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए सुरक्षा नियम और वैश्विक ढांचा कैसे तैयार किया जाए।
रूबियो ने कहा कि एआई को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा कुछ वर्ष पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब यह बातचीत हो रही है। उनके अनुसार चीन भी एआई को लेकर अपनी चिंताओं से जूझ रहा है।
‘एआई में अमेरिका को दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए’
रूबियो ने कहा कि ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका एआई के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करे, लेकिन ऐसा करते समय यह भी सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक के कारण अमेरिका को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि एआई की तेज विकास गति के कारण इसके लिए सुरक्षा ढांचा तैयार करना परमाणु ऊर्जा के दौर की तुलना में अधिक कठिन है।
उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा के विकास के बाद उसके इस्तेमाल को सुरक्षित बनाने के लिए नियम और सुरक्षा उपाय तैयार किए गए थे। एआई के मामले में भी इसी तरह का संतुलन तलाशना होगा, लेकिन इसकी तेज गति से बदलती प्रकृति इसे अधिक जटिल बनाती है।
रूबियो ने स्वीकार किया कि फिलहाल इस चुनौती का कोई आसान जवाब नहीं है। उनके अनुसार अमेरिका और अन्य देश एआई के लाभों को हासिल करते हुए उससे जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करने के तरीके तलाश रहे हैं।
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