
डेस्क: मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बेहद विस्फोटक (Explosives) हो गए हैं. शनिवार सुबह अमेरिका (America) और इजरायल (Israel) ने मिलकर ईरान (Iran) पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसे कई रिपोर्ट्स में महीनों की जॉइंट प्लानिंग का नतीजा बताया जा रहा है. शुरुआती हमलों में तेहरान समेत कई बड़े शहरों में धमाके सुने गए और दावा किया गया कि हमले ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किए गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को ‘मेसिव और जारी’ बताया और ईरानी जनता से अपनी सरकार गिराने तक की अपील कर दी. इसके तुरंत बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए, जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध जैसे हालात में पहुंच गया.
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति और सुप्रीम लीडर के ऑफिस और ठिकानों को सीधा निशाना बनाया गया है. हालांकि उनकी स्थिति को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है. दूसरी ओर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई सीनियर कमांडरों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है.
हमले के कुछ घंटों के भीतर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनका निशाना इजरायल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकाने बने. बहरीन, कतर और यूएई जैसे देशों में धमाकों की खबरें आईं, जबकि कुछ जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए.
ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया कि दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में कई छात्राओं की मौत हुई. वहीं यूएई के अबू धाबी में मलबा गिरने से एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई है.
हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो संदेश में कहा कि यह ईरान की सैन्य ताकत और मिसाइल ढांचे को खत्म करने का मिशन है. उन्होंने ईरानी नागरिकों से कहा कि ‘अपनी सरकार अपने हाथ में लें’, जिससे साफ संकेत मिला कि ऑपरेशन का मकसद सत्ता परिवर्तन भी हो सकता है.
अमेरिका और इजरायल लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि तेहरान इसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम बताता है. हाल की बातचीत विफल रहने के बाद तनाव तेजी से बढ़ा और आखिरकार सैन्य कार्रवाई तक पहुंच गया.
संघर्ष का असर सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा. कई देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें डायवर्ट हुईं और अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी. इससे वैश्विक ट्रैवल और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि यह मल्टी-डे ऑपरेशन हो सकता है, यानी आने वाले दिनों में हमले जारी रह सकते हैं. इजरायल ने भी साफ किया है कि शुरुआती हमलों का आकलन अभी जारी है. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और हितों को ‘वैध निशाना’ घोषित कर दिया है, जिससे बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया है.
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