नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति (Politics of Maharashtra) में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Sharad Pawar faction) के भीतर बढ़ती असंतोष की खबरों के बीच ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर केंद्र सरकार का समर्थन कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि शरद पवार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ नए समीकरण बना सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (शरद पवार) में कुछ सांसदों और विधायकों के असंतोष ने नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच पार्टी के भविष्य और संभावित राजनीतिक रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि आगामी मानसून सत्र से पहले पार्टी अपने रुख में बदलाव कर सकती है।
केंद्र सरकार संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए व्यापक समर्थन जुटाने की कोशिश में है। ऐसे में यदि एनसीपी (शरद पवार) इन विधेयकों का समर्थन करती है, तो सरकार की स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस पर औपचारिक निर्णय की घोषणा नहीं की है।
राजनीतिक हलकों में उस मुलाकात की भी चर्चा है, जिसमें एनसीपी (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस बैठक के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें और तेज हो गईं। वहीं, अन्य राजनीतिक नेताओं की बैठकों को भी संभावित रणनीतिक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि इन बैठकों के एजेंडे या किसी राजनीतिक समझौते को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एनसीपी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी इस विषय पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन की प्रक्रिया में सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की जाती है, तो उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करने पर विचार कर सकती है। उनके अनुसार, फिलहाल इस विषय पर विस्तृत चर्चा होना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच कई तरह की अटकलें स्वाभाविक हैं। लेकिन एनसीपी (शरद पवार) के एनडीए में शामिल होने या सरकार को समर्थन देने संबंधी दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पार्टी के अंतिम फैसले और संसद के मानसून सत्र के दौरान उसके रुख पर सभी की नजर रहेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved