img-fluid

सात महीने से थमा ISRO का लॉन्च अभियान, सितंबर में GISAT-1A से फिर होगी धमाकेदार वापसी

August 18, 2026

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) करीब सात महीने से कोई सफल लॉन्च नहीं कर सका है। लगातार सामने आई तकनीकी दिक्कतों के बाद अब इसरो एक बड़े अंतराल के बाद फिर लॉन्च अभियान (Launch Campaign) शुरू करने की तैयारी में है। अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट GISAT-1A (EOS-05) को सितंबर के पहले सप्ताह में श्रीहरिकोटा से लॉन्च किए जाने की संभावना है। इसके बाद NVS-03 की लॉन्चिंग नवंबर में हो सकती है।

GISAT-1A क्यों है खास
GISAT-1A जियो इमेजिंग सैटेलाइट है और 2021 में लॉन्च किए गए GISAT-1 यानी EOS-03 का रिप्लेसमेंट है। EOS-03 तय कक्षा में नहीं पहुंच पाया था, क्योंकि रॉकेट का अंतिम प्रोपल्सिव सेगमेंट इग्नाइट नहीं हो सका था। नया GISAT-1A करीब 10 साल की मिशन लाइफ के लिए डिजाइन किया गया है। इससे बड़े क्षेत्रों की बार-बार तस्वीरें ली जा सकेंगी और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के साथ कृषि व वानिकी पर भी नजर रखने में मदद मिलेगी।

नवंबर में NVS-03 की लॉन्चिंग संभावित
GISAT-1A के बाद NVS-03 को लॉन्च किए जाने की तैयारी है। यह सैटेलाइट श्रीहरिकोटा में ईंधन से लैस होकर तैयार है। इसकी लॉन्चिंग इसलिए अहम है, क्योंकि पिछले मिशन में NVS-02 अपनी तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका था। इसके चलते भारत का NavIC नेविगेशन सिस्टम स्वतंत्र रूप से नेविगेशन डेटा उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है।


  • जनवरी में फेल हुआ था PSLV-C62
    इस साल ISRO ने अब तक सिर्फ एक लॉन्च किया है। 12 जनवरी को PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के तहत EOS-N1 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया जाना था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण में आई ‘एनोमली’ के कारण मिशन नाकाम हो गया। इस घटना की जांच करने वाली फेलियर एनालिसिस कमेटी की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

    2025 में भी दो मिशनों को झटका
    2025 में ISRO ने कुल पांच लॉन्च किए थे। इनमें PSLV-C61 के जरिए EOS-9 को कक्षा में पहुंचाने का मिशन भी शामिल था, जो तीसरे चरण में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण विफल रहा। इसके अलावा GSLV-F15 से लॉन्च NVS-02 अपनी तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका। हालांकि GSLV-F15 ने सामान्य रूप से काम किया था, लेकिन ऑर्बिट बढ़ाने की प्रक्रिया विफल रही। वहीं GSLV-F16 से NASA के साथ विकसित NISAR सैटेलाइट का लॉन्च सफल रहा था।

    लॉन्च लक्ष्य से पीछे ISRO
    ISRO की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 के लिए 15 मिशन और 2026-27 के लिए 27 मिशन का लक्ष्य रखा गया था। 2026-27 में कम से कम पांच SSLV, चार PSLV, तीन GSLV और एक LVM3 मिशन की योजना है। गगनयान कार्यक्रम के तहत भी कम से कम चार मिशन निर्धारित किए गए हैं। अब सितंबर में GISAT-1A की लॉन्चिंग के साथ इसरो के लंबे ठहराव के बाद मिशनों की रफ्तार दोबारा बढ़ने की उम्मीद है।

    Share:

  • झारखंड : 'पुलिस हटाने की तैयारी में, तुरंत पहुंचें', भर्ती रद्द होने के बाद भी रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े

    Tue Aug 18 , 2026
    नई दिल्ली. झारखंड (Jharkhand) सरकार की ओर से टीडीपीएल (TDPL) के जरिये हुई सभी भर्ती परीक्षाओं (Recruitment examinations) के नतीजे रद्द करने का ऐलान किए जाने के बाद रांची के छात्रों (Students) ने भूख हड़ताल (Hunger strike) खत्म कर दी थी. ऐसा माना जा रहा था कि अनशन समाप्त करने का ऐलान छात्रों की ओर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved