
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि काशी-दिल्ली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन (Kashi-Delhi sleeper Vande Bharat Train) आस्था को अवसर और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ेगी (Will bridge Faith with Opportunity and Tradition with Modernity)। उन्होंने उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के शुभारंभ पर लोगों को शुभकामनाएं दीं ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “दिल्ली और काशी के बीच रेल यात्रा करने वालों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से समय की बचत के साथ ही उनका अनुभव बेहतर होने वाला है। आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से सुसज्जित यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।” उन्होंने कहा कि काशी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए दिल्ली तक चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों, युवाओं और व्यापारियों की यात्रा को सुगम बनाएगी। बाबा विश्वनाथ के दर्शन हों या संगम की यात्रा, यह ट्रेन आस्था को अवसर से और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ेगी। इस नई रेल सेवा के लिए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
वाराणसी रेलवे स्टेशन से शनिवार को दोपहर लगभग 3:30 बजे उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन और नई मेमू ट्रेनों का शुभारंभ किया गया । समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । नई ट्रेनों के संचालन से रेल यात्रियों को बेहतर और आधुनिक रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से भारत के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल वाराणसी का राष्ट्रीय राजधानी से संपर्क और मजबूत होगा। वाराणसी में पूरे साल श्रद्धालु, देशी-विदेशी पर्यटक, विद्यार्थी और दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोग पहुंचते हैं। नई दिल्ली के साथ रात की बेहतर रेल कनेक्टिविटी से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, प्रशासनिक और पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन वाराणसी से चलकर प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। ये स्टेशन महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों को जोड़ते हैं और आसपास के जिलों को भी रेल संपर्क उपलब्ध कराते हैं। इससे आधुनिक रेल यात्रा की सुविधा अधिक से अधिक यात्रियों तक पहुंच सकेगी। यह ट्रेन वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। बयान में यह भी बताया गया कि मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और नई दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट की बचत करेगी। इससे दोनों दिशाओं में यात्रियों को रात के सफर के लिए तेज विकल्प मिलेगा। यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी।
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